देश में पांच दिन में 6.50 लाख लोगों ने बनवाए तीन हजार वाले फास्टैग पास, स्टेट हाईवे का सफर फिर भी महंगा
तीन हजार रुपये का फास्टैग वार्षिक पास (Fastag Annual) 5 दिनों में 6.50 लाख लोगों ने लिया। इस योजना के तहत 10.50 लाख वाहनों की टोल पर आवाजाही हुई है। वर्तमान में यह योजना केवल एनएचएआई (NHAI)पर लागू है जबकि स्टेट हाईवे (State Highway) पर अलग से रीचार्ज करना होगा।
दीपक बहल, अंबाला। तीन हजार रुपये का फास्टैग वार्षिक पास पांच दिनों में देशभर के 6.50 लाख लोगों ने लिया है। इन पांच दिनों में देशभर में यह फास्टैग लगे 10.50 लाख वाहनों की टोल पर आवाजाही हुई है।
अभी यह योजना केवल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) पर ही लागू है। स्टेट हाईवे पर टोल पार करने के लिए यही फास्टैग अलग से रीचार्ज करना पड़ रहा है। स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर पूर्व की भांति भुगतान करना पड़ रहा है। तीन हजार रुपये वार्षिक योजना से टोल के दाम 15 रुपये हो गए हैं।
- 15 अगस्त से लागू हो चुकी योजना, 10.50 लाख वाहनों की हुई आवाजाही
- 60 किमी दायरे में दूसरे टोल प्लाजा को हटाने की योजना पर नहीं बन पाई नीति
- 983 टोल प्लाजा देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर, 142 टोल राजस्थान में हैं, जो किसी भी राज्य में सर्वाधिक है
- पांच टोल हिमाचल में सबसे कम, इतने ही जम्मू-कश्मीर में हैं
- 37 टोल हरियाणा में नेशनल हाईवे के और 23 स्टेट हाईवे के हैं
हरियाणा के यह टोल 60 किमी के दायरे में
राज्य में 60 किलोमीटर की दूरी पर टोल प्लाजा की बात करें, तो इनकी संख्या 20 है। इसमें अंबाला, पानीपत, घरौंडा, सैनीमाजरा, यमुनानगर, भिवानी-मोरवाला, हिसार-नरवाना, बडोपत्ती, चौधरीवास, मदीना, रामायण, लंढारी, भवदीन, खटकड़ सोनीपत, रोहद, मकड़ौली, डाहर, भगान, छारा, झरोठी शामिल हैं।
राजस्थान में सर्वाधिक टोल प्लाजा, हिमाचल में सबसे कम
देश में 983 टोल प्लाजा राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित हैं। राजस्थान में सर्वाधिक 142 टोल प्लाजा हैं, जबकि सबसे कम हिमाचल प्रदेश में पांच और जम्मू-कश्मीर में पांच टोल प्लाजा हैं। हरियाणा में 37 टोल प्लाजा राष्ट्रीय राजमार्गों पर और 23 राज्य राजमार्गों पर हैं।
वाहनों पर जीपीएस लगाने की तैयारी अब फास्टैग से टोल पर फीस वसूली जाती है। सरकार जल्द ही जीपीएस आधारित सिस्टम ला रही है। इससे सड़कों से टोल हट जाएंगे। सरकार की योजना है कि वाहनों पर जीपीएस लगा दिया जाए, जिससे टोल की वसूली की जाएगी। यह वाहन चालकों के लिए भी काफी आसान होगा।
प्रतिदिन एक लाख से अधिक पास बने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ है कि एक दिन में एक लाख से अधिक वाहन मालिकों ने योजना का लाभ उठाया। फास्टैग (वार्षिक पास) से 15 रुपये खर्च आ रहा है।
60 किमी के दायरे में दो टोल में से एक नहीं हो पाया शिफ्ट
60 किमी में एक ही टोल प्लाजा होने की नीति नहीं बन सकी। पिछली लोकसभा में करनाल के तत्कालीन सांसद संजय भाटिया ने पानीपत टोल प्लाजा का मामला संसद में उठाया था, तब केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसे गलत मानते हुए तीन माह में ऐसे टोल प्लाजा हटाने की बात कही थी।
गडकरी के आदेश के बाद जब हरियाणा और पंजाब में टोल प्लाजा का रिकॉर्ड खंगाला गया तो 60 किमी के दायरे के अंदर 41 टोल प्लाजा सामने आए। ऐसे में इन टोल प्लाजा को शिफ्ट करना या फिर मर्ज करना चुनौती बन गया था।
यहां तक कि सरकारी राजस्व पर भी एक टोल खर्च करने का करीब 12 करोड़ के खर्च का अनुमान लगाया गया, ऐसे 41 टोल को शिफ्ट कर दिया जाता तो सरकारी राजस्व पर 492 करोड़ का बोझ पड़ता।
टोल प्लाजा को शिफ्ट करने या मर्ज करने के अलावा दूसरा विकल्प ढूंढ़ निकाला। जहां एक टोल पर सौ रुपये से अधिक लग जाते थे, अब 15 रुपये लगेंगे।
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