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    यमुना के उफान से फरीदाबाद में फिर बाढ़ का संकट गहराया, खेत डूबे, 50 घरों में जलभराव, प्रशासन सतर्क

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 07:24 PM (IST)

    फरीदाबाद में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बसंतपुर और इस्माइलपुर में कई घर जलमग्न हो गए हैं और खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। प्रशासन सतर्क है और लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा है। किसान अपने नुकसान को लेकर चिंतित हैं क्योंकि उन्हें पिछली बाढ़ का मुआवजा भी नहीं मिला है।

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    यमुना फिर उफान पर, गांवों के खेतों में घुसा पानी

    जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। यमुना जिले में पूरे उफान पर बह रही है। कई गांवों के खेतों में खड़ी फसल, बसंतपुर और इस्माइलपुर के 50 घरों में फिर से जलभराव हो गया है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है ओर मुनादी कराकर सभी को सावधान रहने के लिए कहा है। सभी पंचायतों के सरपंच, पंचायत सचिव और पटवारियों को निगाह रखने के लिए कहा है। ताकि किसी तरह की घटना न हो।

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    स्थिति का जायजा लिया

    यमुना में ओखला बैराज से 42006 क्यूसेक पानी छोड़ा है। पहले से ही यमुना पूरी तरह से भरकर चल रही है। इसके बाद पानी घेरे से बाहर बह रहा है। मंझावली, मोहताबाद, बेला, शेखपुर, घुड़ासन, घरोड़ा, अरुआ, चांदपुर के गांवों में खेतों में खड़ी फसल में जलभराव हो गया है। एसडीएम मंयक भारद्वाज ने यमुना किनारे के गांवों का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया।

    फिर रिश्तेदारों के पास भेज दिया

    इस दौरान उन्होंने सभी सरपंचों से भी पूरी जानकारी ली है। उन्होंने मौके पर सरपंचों से कहा है कि वह किसी भी व्यक्ति को यमुना की तरफ न जाने दें। यदि कोई किसान अभी भी खेतों पर है तो उसे वापस घर बुला लें। फरीदाबाद के तहसीलदार यशवंत सिंह का कहना है कि उन्होंने ईस्मालपुर, बसंतपुर में अपनी टीम को लगाया हुआ है।

    टीम में पुलिस, पटवारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। वह यहां पर लगातार घरों में घुस कर देख रहे हैं कि कोई फंसा हुआ तो नहीं है। यहां पर लोगों को बाहर निकाल कर सहायता शिविर में ठहराया गया है या फिर रिश्तेदारों के पास भेज दिया है।

    क्षति पोर्टल पर अपलोड भी नहीं करा रहे

    हमारे मंझावली व आसपास गांवों की हजारों एकड़ भूमि में जलभराव हो गया है। इन खेतों में फसल तो पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। इन नुकसान की कोई भरपाई नहीं होती। 2023 में यमुना में आई बाढ़ से हुए नुकसान का एक रुपया भी किसी किसान को नहीं मिला। प्रशासन सिर्फ दौरा करता है, लेता-देता किसी को कुछ नहीं। यही कारण अबकी बार तो किसान अपने नुकसान का ई-क्षति पोर्टल पर अपलोड भी नहीं करा रहे हैं।

    -मुकेश यादव, प्रगतिशील किसान मंझावली

    बाहर निकल कर खेतों में बह रहा

    हथनी कुंड बैराज से यमुना में 64 हजार 865 क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। ओखला बैराज से फरीदाबाद की सीमा में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा 42006 क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। अब नदी का जलस्तर कई जगह पर किनारों से बाहर निकल कर खेतों में बह रहा है। इनमें मंझावली व आसपास के गांव प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    -अरविंद शर्मा, उपमंडल अधिकारी सिंचाई विभाग

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