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    गुरुग्राम हत्या का सुलझा राज, फिंगरप्रिंट से हुई मृत युवक की पहचान तो हत्यारों तक पहुंचे पुलिस के हाथ

    Updated: Sat, 16 Aug 2025 08:50 PM (IST)

    गुरुग्राम के अंसल पहाड़ी में हुई युवक की हत्या का मामला फिंगरप्रिंट से सुलझा। मृतक की पहचान समीर के रूप में हुई जिसने प्रेम विवाह किया था। युवती के भाई सोनू ने साथियों के साथ मिलकर समीर का अपहरण कर हत्या कर दी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।

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    फिंगरप्रिंट से हुई मृत युवक की पहचान तो हत्यारों तक पहुंचे पुलिस के हाथ।

    विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। अंसल पहाड़ी में छह जुलाई को गला रेतकर युवक की हत्या कर शव फेंकने के मामले में पुलिस एक महीने तक इधर-उधर हाथ पैर में मारती रही, लेकिन कुछ भी सुराग नहीं लगा। उधर पुलिस ने कोर्ट में मृत युवक के फिंगरप्रिंट की जांच के लिए आवेदन भी कर रखा था। कोर्ट से इसकी अनुमति मिलने पर मधुबन लैब में फिंगरप्रिंट के नमूनों की जांच की गई और पुलिस को ब्लाइंड मर्डर केस में हत्यारों तक पहुंचने में सफलता मिल गई।

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    सोहना पुलिस के अनुसार फिंगरप्रिंट के नमूनों को सबसे पहले पुलिस के डाटा बेस में सर्च किया गया, इसमें उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के कटघरा शंकर गांव के रहने वाले 25 वर्षीय समीर के रूप में हो गई। समीर के फिंगरप्रिंट करीब दो साल पहले पुलिस के डाटा बेस में आए थे।

    समीर ने उस समय युवती के साथ प्रेम विवाह किया था। इस पर युवती के परिवारवालों ने समीर पर केस दर्ज करा दिया था। यह केस ऋषिकेश के एक थाने में हुआ था। युवती मूल रूप से समीर के ही गांव की रहने वाली है। ऋषिकेश में इसके रिश्तेदार रहते हैं। जब दोनों ने शादी की, तब युवती ऋषिकेश में रिश्तेदार के घर गई थी।

    लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में ऋषिकेश पुलिस ने समीर को गिरफ्तार किया था। इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की जांच आनर किलिंग की तरफ घूम गई। जांच के दौरान चार आरोपितों को गुरुवार रात गिरफ्तार किया गया।

    भिवाड़ी में किराये के घर पर एक रात बंधक बनाकर भी रखा

    जेल से छूटने के बाद समीर फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में किराये से रहकर निजी कंपनी में काम कर रहा था। इधर जिस युवती से समीर ने प्रेम विवाह किया था, उसके भाई सोनू ने उसकी हत्या की साजिश रची। चार जुलाई की रात सोनू अपने एक अन्य साथी के साथ बल्लभगढ़ पहुंचा। यहां उसने समीर का अपहरण किया।

    आरोपित समीर को बाइक से राजस्थान के भिवाड़ी ले गए। सोनू भिवाड़ी में ही लीला देवी व रामसदन के घर किराये से तीन सालों से रह रहा था। लीला देवी और रामसदन पति-पत्नी हैं और मूल रूप से मऊ के ही रहने वाले हैं। सोनू ने समीर को इन्हीं के घर पर बंधक बनाकर एक रात रखा। साजिश में इन दोनों को भी शामिल किया।

    पूछताछ में सामने आया कि पांच जुलाई की रात सोनू और लीला एक बाइक से समीर को बीच में बिठाकर उसे बल्लभगढ़ वापस छोड़ने की बात कहकर सोहना के अंसल पहाड़ी के पास लेकर आए। उसकी आंखों पर पट्टी और हाथ भी बांधे हुए थे। यहां इन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और गला रेतकर हत्या करने के बाद फरार हो गए। हत्याकांड की साजिश में नूंह के खोरी कलां गांव के रहने वाला महेश और राजस्थान के तिजारा का अलीम खान भी शामिल था।

    पुलिस ने इन्हें भी धर दबोचा। सोहना एसीपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल ये चारों आरोपित चार दिन के रिमांड पर हैं। अभी मुख्य आरोपित सोनू की तलाश की जा रही है। वहीं पकड़े गए चारों आरोपित साजिश में और किस तरह शामिल थे, इसकी भी जानकारी ली जा रही है।