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    हरियाणा में प्रचंड ठंड का प्रकोप जारी, इन जिलों में माइनस में पहुंचा तापमान; कल से एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 08:33 AM (IST)

    हरियाणा में भीषण ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जहां पहली बार महेंद्रगढ़, सिरसा और हिसार में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। हिसार भारत के म ...और पढ़ें

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    हरियाणा में ठंड का प्रचंड प्रकोप, तीन जिलों में पारा शून्य से नीचे। सांकेतिक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, हिसार। प्रदेश में ठंड ने प्रचंड रूप ले लिया है। जाड्डा(ठंड) ने दुर्लभ रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश के मौसम इतिहास में पहली बार तीन जिलों में एक साथ न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज हुआ है। हिसार के हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न जिलों में लगाए उपकरणों यह डाटा रिकॉर्ड किया गया।

    इसमें प्रदेश के महेंद्रगढ़ में -0.5 डिग्री, सिरसा में -0.3 डिग्री, हिसार में हकृवि कैंपस और बालसमंद क्षेत्र में -0.2 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार को प्रदेश में कोहर भी छाया रहा जिससे दृश्यता भी शून्य के बराबर रही।

    प्रदेश में अब 16 जनवरी को पश्चिमी के एक्टिव होने के साथ ही 17 जनवरी से हल्की बूंदाबांदी होने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में गहरे कोहरे की संभावना व्यक्त की है। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भारत के मैदानी इलाकों में सबसे ठंडा क्षेत्र हिसार रहा है। आइएमडी के अनुसार यहां का न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री रहा।

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    दुर्लभ: हिसार-नारनौल में ऐसा हो चुका, सिरसा पहली बार माइनस में पहुंचा

    मौसम विभाग (आईएमडी) के रिकॉर्ड आर्काइव के अनुसार हिसार, सिरसा और महेंद्रगढ़ में एकसाथ माइनस तापमान दर्ज होना एक दुर्लभ घटना है। वर्ष 2008 में हिसार में न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री तक गया था, जबकि सिरसा और नारनौल में पारा शून्य के आसपास ही रहा। जनवरी 2012 में नारनौल (महेंद्रगढ़) में -0.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था, लेकिन तब हिसार और सिरसा में माइनस एकसाथ नहीं आया।

    वर्ष 2026 में पहली बार महेंद्रगढ़ (-0.5), सिरसा (-0.3) और हिसार (-0.2 डिग्री) तीनों जिलों में एक साथ माइनस तापमान दर्ज हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार हर 10–12 साल में आने वाला यह ठंडा चक्र अब जलवायु परिवर्तन के कारण अधिक व्यापक रूप में सामने आ रहा है।

    महेंद्रगढ़ में पहाड़ियों का असर

    महेंद्रगढ़ का क्षेत्र राजस्थान के साथ अरावली की पहाड़ियों से सटा है। उसके साथ सटा होने के कारण यहां रेडिएशन कूलिंग का असर सबसे अधिक रहा। सुबह के समय पशुओं के चारे और पेयजल की टंकियों में बर्फ जमी मिली।

    धुंध में हुए कई जगह हादसे ट्रेन भी देरी से चलीं

    प्रदेश में घनी धुंध और कड़ाके की ठंड के कारण बुधवार को कई जिलों में हादसे हुए। सिरसा के गांव हुमायूंखेड़ा में धुंध के दौरान एक बाइक की सामने से आ रही बस से टक्कर में बाइक सवार की मौत हो गई।

    गांव जमाल के बस स्टैंड पर स्कार्पियो और स्विफ्ट की भिड़ंत हुई, जबकि नेशनल हाईवे-9 पर धुंध के कारण एक ट्रक पलट गया। कुरुक्षेत्र और कैथल में 18 से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं। यमुनानगर के जगाधरी क्षेत्र में ठंड और कोहरे के बीच एक अधेड़ का शव मिला है। मौत ठंड से होने की आशंका है।