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    हरियाणा के चिमनी गांव की पंचायत का बड़ा फैसला, गांव में लगेगा ठीकरी पहरा; ग्रामीणों की रात में लगेगी ड्यूटी

    चिमनी गांव में चोरी की घटनाओं से परेशान होकर पंचायत ने ठीकरी पहरा शुरू करने का फैसला किया है। गांव के 14 वार्डों से 2-2 लोग रात में पहरेदारी करेंगे। युवाओं को बस स्टैंड पर तैनात किया जाएगा। पंचायत ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और संदिग्ध दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है। इस फैसले से गांव में सुरक्षित माहौल बनने की उम्मीद है।

    By Amit Popli Edited By: Prince Sharma Updated: Sat, 09 Aug 2025 03:48 PM (IST)
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    चिमनी गांव की पंचायत का बड़ा फैसला, गांव में लगेगा ठीकरी पहरा (File Photo)

    संवाद सूत्र, जागरण, बेरी। चिमनी गांव में बीते दिनों में हुई चोरी की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता को गहरा दिया है। घरों में सेंधमारी के मामलों ने गांव के माहौल को असुरक्षित बना दिया था।

    इस बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने और ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से गांव में पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक और युवा शामिल हुए। जिसमें हालात पर गंभीरता से चर्चा की गई और चोरी की घटनाओं के पीछे की संभावित वजहों पर विचार-विमर्श किया।

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    इसी क्रम में एक अहम फैसला लेते हुए पंचायत ने ठीकरी पहरा लागू करने का निर्णय लिया। देखा जाए तो यह ग्रामीणों की पुरानी परंपरा है, जिसमें गांव के लोग बारी-बारी से रात में पहरेदारी करते हैं। पंचायत के मुताबिक, गांव के कुल 14 वार्ड हैं, और प्रत्येक वार्ड से 2-2 व्यक्तियों को रोजाना ठीकरी पहरे में शामिल किया जाएगा।

    28 लोग संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी

    इस तरह रोजाना 28 लोग सक्रिय रूप से रात में गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे। योजना के तहत गांव के मुख्य बस स्टैंड और अन्य प्रमुख मार्गों पर युवाओं को तैनात किया जाएगा, जो आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखेंगे।

    साथ ही, बाकी टीम गांव के भीतर गश्त करेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पंचायत और ग्रामीण पुलिस को देगी। इससे चोरों के हौसले पस्त करने और संभावित वारदातों को रोकने में मदद मिलेगी।

    फैसले पर ग्रामीणों में बनी सहमति

    ग्रामीणों ने पंचायत के इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह की चौकसी से गांव में अपराध पर अंकुश लगता रहा है। एक वरिष्ठ ग्रामीण ने बताया, जब गांव के लोग खुद जागरूक होकर निगरानी करते हैं, तो चोरों के लिए यहां पैर जमाना मुश्किल हो जाता है।

    गांव के युवाओं ने भी पहल करते हुए कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ यह ड्यूटी निभाएंगे। पंचायत ने तय किया कि पहरेदारी के लिए समय और ड्यूटी चार्ट पहले से तैयार किया जाएगा, ताकि हर कोई अपनी जिम्मेदारी समय पर निभा सके।

    खासकर, बीते गुरुवार को गांव में संदिग्ध लोगों के देखे जाने के बाद से ग्रामीण और सतर्क हो गए हैं। उधर, पहले हुई चोरी का सामान अभी तक बरामद नहीं हुआ है, जिससे लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बनी हुई हैं।

    पंचायत ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे न केवल ठीकरी पहरे में सक्रिय भागीदारी निभाएं, बल्कि अपने-अपने घरों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। साथ ही, किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत सूचना दें।

    ग्रामीणों का मानना है कि सामूहिक सतर्कता और एकजुट प्रयास से ही गांव को सुरक्षित बनाया जा सकता है। पंचायत के इस फैसले से गांव में राहत और उम्मीद का माहौल है। लोग मानते हैं कि यह सामूहिक चौकसी चोरी की घटनाओं को रोकने और चिमनी गांव में फिर से सुरक्षित माहौल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।