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    नूंह के बाद पानीपत में भड़की थी हिंसा की चिंगारी, DSP सुरेश सैनी की सूझबूझ से टला बड़ा दंगा; राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

    ट्रैफिक डीएसपी सुरेश सैनी को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। नूंह दंगों के बाद पानीपत में तनाव बढ़ गया था जिसे उन्होंने कुशलतापूर्वक नियंत्रित किया। उन्होंने कई आपराधिक मामलों को भी सुलझाया। हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में भर्ती हुए सुरेश सैनी ने हिसार करनाल पानीपत जैसे कई स्थानों पर सेवाएँ दी हैं। उनका लक्ष्य पीड़ितों को न्याय दिलाना है।

    By sandeep kumar Edited By: Prince Sharma Updated: Fri, 15 Aug 2025 03:01 PM (IST)
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    डीएसपी सुरेश सैनी की सूझबूझ से टला था बड़ा दंगा, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

    जागरण संवाददाता, पानीपत। ट्रैफिक डीएसपी सुरेश सैनी को शुक्रवार को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। डीएसपी सुरेश सैनी का 2022 में करनाल से पानीपत तबादला हुआ था। 2023 में नूंह में दंगा भड़का था तो इसकी चिंगारी पानीपत तक आई थी।

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    नूंह दंगों में पानीपत के नूरवाला के अभिषेक की भी मौत हो गई थी। यहां दंगे भड़कने का खतरा गहरा गया था। इस स्थिति पर नियंत्रण के लिए तत्कालीन एसपी शंशाक कुमार सावन ने डीएसपी सुरेश सैनी को जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने पूरी स्थिति का अध्ययन किया।

    मृतक के स्वजन व उसके दोस्तों से मिले। उनको कानून का हवाला देकर शांत किया। हिंदूत्व से जुड़े कई संगठनों के साथ बैठक कर शांति की अपील की। उनके प्रयासों से ही पानीपत में बड़ा दंगा टल गया था।

    राष्ट्रपति करेंगी सुरेश सैनी को सम्मानित

    उन्होंने कई बड़े आपराधिक मामलों की गहनता से जांच की और आरोपितों को सलाखों में पहुंचाया। उनके पुलिस विभाग में दिए योगदान को देखते हुए डीएसपी सुरेश सैनी को मुख्यालय की ओर से राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने के लिए नाम भेजा गया था।

    डीएसपी सुरेश सैनी बताते हैं कि वह मूल रूप से टोहाना के रहने वाले हैं। पिता चिरंजीलाल टोटाना में ही दुकान चलाते हैं। मंझला भाई पिता का बिजनेस में हाथ बंटाता है।

    2011 में बने थे इंस्पेक्टर

    छोटा भाई हाईकोर्ट में वकील है। उसने टोहाना राजकीय कालेज से स्नातकोत्तर की थी। 2003 में उन्होंने हरियाणा पुलिस का सब इंस्पेक्टर का टेस्ट दिया और उनका चयन हो गया। मधुबन पुलिस अकादमी में उनका पहला बैच था। वह इनपुट व आउटपुट में अपने बैच में द्वितीय रहे। 2011 में वह इंस्पेक्टर बने और 2022 में वह डीएसपी बने।

    अब तक वह हिसार, करनाल इंफोर्समेंट, पानीपत, फतेहाबाद व अंबाला में ड्यूटी कर चुके हैं। उनका लक्ष्य पीड़ितों को न्याय दिलाना और लोगों के दिल में पुलिस के प्रति विश्वास बनाए रखना रहा है। उनको जो भी जिम्मेदारी मिलती है वह उसे बखूबी निभाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से काफी कुछ सीखा है।