Rewari News: बीए, बीकॉम, बीएससी पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की दिलचस्पी हुई कम, 40% से ज्यादा सीटें खाली
रेवाड़ी के कॉलेजों में विद्यार्थियों को रोजगारपरक कोर्स से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बीए बीकॉम जैसे पारंपरिक कोर्स में सीटें खाली रहने के कारण कॉलेज नए रोजगार केंद्रित कोर्स शुरू कर रहे हैं। केएलपी कॉलेज में एमएलटी और जापानी भाषा डिप्लोमा अहीर कॉलेज में नर्सिंग कोर्स और अन्य राजकीय कॉलेजों में भी नए कोर्स शुरू हुए हैं।

ज्ञान प्रसाद, रेवाड़ी। कॉलेजों में विद्यार्थी सिर्फ डिग्री प्राप्त करने मात्र के लिए दाखिला लेने में सीमित नहीं है। पढ़ाई के साथ करियर और रोजगार की भी चिंता कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले तीन चार साल में जिले के अधिकांश डिग्री कॉलेजों में बीए, बीकाम, बीएससी जैसे परंपरागत पाठ्यक्रम में 40 से 50 प्रतिशत तक सीटें रिक्त रहती हैं।
इस बार भी यही स्थिति है। शिक्षण संस्थाओं के लिए विद्यार्थियों को जोड़े रखना भी चुनौती बन गया है। वर्तमान सत्र में जिले के चार विभिन्न महाविद्यालयों ने परंपरागत पाठ्य कोर्स के साथ करियर की संभावनाओं और रोजगारपरक केंद्रित कोर्स आरंभ किए हैंं।
केएलपी में एमएलटी व जापानी भाषा डिप्लोमा कोर्स आरंभ
जिले के किशनलाल पब्लिक कॉलेज में दो नवाचारात्मक, करियर-उन्मुख और उद्योगों से जुड़े कोर्स आरंभ किए हैं। इसमें बैचलर आफ वोकेशनल इन मेडिकल लेबोरेट्ररी टेक्नोलाजी (बीवाेक. एमएलटी) तथा स्नातक स्तर पर जापानी भाषा डिप्लोमा कोर्स शामिल है।
दोनों कोर्स हरियाणा सरकार द्वारा स्थापित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दुधोला पलवल से मान्यता प्राप्त हैं। बीवोक एमएलटी व्यावसायिक व तकनीकी पाठ्यक्रम है जिसमें विद्यार्थी प्रयोगशालाओं में रोग परीक्षण, रिपोर्ट विश्लेषण, रक्त/यूरिन जांच आदि का प्रायोगिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
यह कोर्स अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब्स, मेडिकल रिसर्च सेंटर और हेल्थकेयर सेक्टर में रोजगार के अवसर प्रदान करता है। इसी प्रकार जापानी भाषा में डिप्लोमा विदेशी भाषा कोर्स है जिससे छात्र जापानी भाषा में दक्षता प्राप्त कर सकेंगे। छात्र यहां अभी दोनों कोर्स के लिए 30- 30 सीटों पर दाखिला प्रक्रिया आरंभ हुआ है।
अहीर कॉलेज में नर्सिंग क्षेत्र में होगी शुरू
शहर के रामपुरा रोड स्थित अहीर पीजी कॉलेज में जल्द नर्सिंग के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए जनरल नर्सिंग एवं मिडवाइफरी (जीएनएम) कोर्स आरंभ होगा। इससे सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों और क्लीनिकों और सार्वजनिक स्वास्थ्य नर्स पेशेवर के रूप में काम करने के पात्र होंगे।
इसके लिए अभी 60 सीटों पर विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे। इससे विज्ञान और अन्य चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को फायदा होगा। हरियाणा नर्सिज एवं नर्स मिडवाइव्ज कौंसिल से संबद्ध यह कोर्स आरंभ हो रहा है।
राजकीय कॉलेजों में भी आरंभ हुए हैं कोर्स
जिले के राजकीय महाविद्यालयों में भी कई रोजगारपरक कोर्स आरंभ किए हैं। इनमें सेक्टर 18 स्थित प्रथम शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले राजकीय कन्या महाविद्यालय में इसी वर्ष फिजिक्स के साथ बीएससी कोर्स आरंभ हुआ।
वहीं योग में एमए भी छात्राएं दाखिला ले रही हैं। पाली गांव स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में अंग्रेजी मुख्य विषय के साथ बीए आनर्स और एमएससी कंप्यूटर साइंस आरंभ हुआ है।
कंवाली स्थित श्रीकृष्ण राजकीय महाविद्यालय में भूगोल में एमए के साथ इस साल कंप्यूटर में एक साल का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पीजीडीसीए) आरंभ किया गया। इसमें कोई भी स्नातक कर चुका विद्यार्थी एक साल का यह कोर्स कर रोजगार और शैक्षणिक क्षेत्र में करियर बना सकते हैं।
पहले से चल रहे स्नातक और स्नातकोत्तर के अलावा रोजगार और नवाचार के कौशल परक दो नए कोर्स आरंभ किए हैं। इन नए कोर्स में अभी दाखिला चल रहे हैं। विद्यार्थी कॉलेज में आकर संबंधित सहायता कक्ष या नोडल अधिकारी से मिलकर आवेदन कर सकते हैं। अभी ऑफलाइन आवेदन लिए जा जा रहे हैं।
- डॉ. कविता गुप्ता, प्राचार्या, किशनलाल पब्लिक कॉलेज रेवाड़ी
कॉलेज में अभी तक वर्षों से बीए, बीकाम, बीएससी, एमकाम की पढ़ाई हो रही है। चिकित्सा के क्षेत्र में बढ़ रही रोजगार और करियर की संभावनाओं को देखते हुए इसी सत्र से जीएनएम कोर्स आरंभ किया है। तीन साल के कोर्स के लिए 60 सीटें निर्धारित हैं। दाखिला कार्यक्रम और फीस संरचना के लिए कॉलेज में संपर्क किया जा सकता है।
- डॉ. उर्मिला शर्मा, प्राचार्या, अहीर पीजी कॉलेज, रेवाड़ी
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