Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    यमुनानगर: ICICI बैंक को लगाया चूना, ₹40 लाख लोन लेकर गिरवी रखे मकान को बेटे के नाम किया ट्रांसफर; दंपती पर केस दर्ज

    Updated: Sat, 10 Jan 2026 12:00 PM (IST)

    यमुनानगर में एक दंपती ने आईसीआईसीआई होम फाइनेंस से 40 लाख रुपये का लोन लेकर गिरवी रखे मकान को बैंक की अनुमति के बिना अपने बेटे के नाम ट्रांसफर कर दिया ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    यमुनानगर में गिरवी मकान बेटे को ट्रांसफर की

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। यमुनानगर में एक दंपती ने आईसीआईसीआई होम फाइनेंस से 40 लाख रुपये का लोन लेकर गिरवी रखे मकान को बैंक की अनुमति के बिना अपने बेटे के नाम ट्रांसफर कर दिया। लोन की किस्तें रुकने के बाद बैंक ने सरफैसी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की, तो यह धोखाधड़ी सामने आई।

    आरोप गांव भगवानपुर निवासी दंपती पर लगा है। आरोपी दंपती ने इस मकान को अपने बेटे के नाम ट्रांसफर कर दिया। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना छप्पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।

    आईसीआईसीआई होम फाइनेंस में रीजनल लीगल मैनेजर संजय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव भगवानपुर निवासी इकबाल सिंह व उनकी पत्नी नरिंद्र कौर ने साल 2019 में सरस्वतीनगर स्थित 230 वर्ग गज के रिहायशी मकान को गिरवी रखकर 40 लाख रुपये का होम लोन लिया था।

    शुरुआती कुछ समय तक लोन की किश्तें समय पर जमा की गईं, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, लगातार डिफाल्ट रहने के चलते चार जुलाई 2023 को लोन खाता एनपीए घोषित कर दिया गया।

    इसके बाद बैंक ने सरफैसी एक्ट के तहत वसूली की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान जांच में सामने आया कि आरोपी नरेंद्र कौर ने बैंक को बिना बताए और बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए 9 जनवरी 2024 को गिरवी रखी संपत्ति अपने बेटे अमनप्रीत सिंह के नाम ट्रांसफर कर दी।

    इस मामले को लेकर बैंक ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर 21 जनवरी 2025 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पुलिस बल के साथ बैंक को संपत्ति का भौतिक कब्जा दिलाया गया। इस दौरान मकान पर बैंक की सील और ताले लगाए गए।

    आर्थिक अपराध शाखा की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की नीयत से ऐसी साजिश रची थी।