72 लोगों के विरुद्ध FIR पर BJP उग्र, जयराम बोले- आपदा प्रभावितों को थाने बुलाकर प्रताड़ित किया जा रहा; दुर्भावना उचित नहीं
Himachal Pradesh BJP मंडी में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा ने सुक्खू सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने सराज में आपदा प्रभावितों पर एफआईआर दर्ज करने का विरोध किया और इसे अमानवीय बताया। ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केवल अपनी फजीहत से बचने के लिए सराज गए और पीड़ितों को राहत देने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
जागरण संवाददाता, मंडी। Himachal Pradesh BJP, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से सराज में प्राकृतिक आपदा के 72 प्रभावितों पर एफआइआर दर्ज करना अमानवीय व्यवहार है। एफआइआर का पहला कालम शायद मेरे लिए खाली रखा गया है, ताकि मुझ पर भी मामला दर्ज हो सके। यह बात नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी में सराज के लोगों पर दर्ज मामलों के विरोध में प्रदर्शन में कही।
इस धरना प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा व प्रदेशाध्यक्ष डा.राजीव बिंदल शामिल रहे। इस मौके पर उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजा गया।
पहले फोटो खिंचवाकर चले गए सीएम
जनता को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 30 जून की आपदा से सराज, नाचन, करसोग और धर्मपुर में तबाही हुई। करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री पहले तो हेलीकाप्टर में आए और हेलीपैड पर ही फोटो खींचाकर चले गए।
केंद्रीय मंत्री आए तो सराज पहुंचे सुक्खू
बाद में जब भाजपा के केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अन्य नेता पहुंचने लगे तो अपनी फजीहत से बचने के लिए सराज पहुंचे, लेकिन मदद के नाम पर सिर्फ दो करोड़ रुपये दिए। उल्टा यहां के संस्थान को दूसरी विधानसभा में ले जाने के आदेश सरकार ने दिए।
लोगों ने बात रखी तो धमकाने लगे मंत्री
जयराम ठाकुर ने कहा कि लोग अपने बागवानी कॉलेज को कहीं और बदलने का मामला संबंधित मंत्री के समक्ष उठाना चाहते थे लेकिन उल्टा मंत्री ने उन्हें धमकाने का प्रयास किया और वहां विवाद हुआ। इन्हीं लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसमें चार लोगों पर तिरंगे के अपमान का मामला भी शामिल है।
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आपदा प्रभावितों को थाने बुलाकर प्रताड़ित किया जा रहा
प्रभावितों को राहत देने के बजाय मामले दर्ज कर लोगों को लगातार थाने बुलाकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि उनके घर में छत तक नहीं है। आज से पहले आपदा के बाद कोई संस्थान बदला नहीं गया। यह सिर्फ इसलिए किया जा रहा क्योंकि मैं विपक्ष का नेता हूं। ऐसी दुर्भावना रखना कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि अगर मामले वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन ओर तेज होगा।
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