हिमाचल प्रदेश में नई ईको टूरिज्म नीति से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, 271 स्थलों की पहचान की गई
हिमाचल प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई नीति 2024 लागू की गई है। इसके तहत 271 स्थलों की पहचान हुई है जिनमें से 21 को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है। अगस्त से 28 नए स्थलों पर गतिविधियां शुरू होंगी जिससे लगभग पांच करोड़ का राजस्व मिलने की संभावना है। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दी। 2025 तक 77 स्थलों का विकास किया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई ईको टूरिज्म नीति 2024 लागू की गई है। इस नीति के तहत 271 स्थलों की पहचान की गई है, जिनमें से 21 स्थलों को केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अगस्त से 28 नए स्थलों पर गतिविधियां शुरू होने जा रही हैं, जिससे लगभग पांच करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।
यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गैर सरकारी दिवस पर झंडुता से भाजपा विधायक जीतराम कटवाल के मामला उठाने पर दी। वर्तमान में 11 ईको टूरिज्म साइटें सक्रिय हैं और 2025 तक 77 स्थलों का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिनमें शिमला, कुल्लू, धर्मशाला, चंबा और किन्नौर शामिल हैं।
ट्रैकिंग रूट को चिह्नित कर ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था लागू की गई है। पर्यटक मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग कर सकेंगे। मुकेश ने कहा कि आपदा की स्थिति में पहाड़ दरक रहे हैं, ऐसे में आर्थिकी को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत स्थानीय समुदायों को गाइड, होमस्टे, हस्तशिल्प और उत्पाद बिक्री के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
95 स्थानीय गाइड और 135 मल्टीपर्पज वर्कर को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ईको टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय लोक कला, संगीत, नृत्य और खानपान को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इससे पूर्व सत्ता पक्ष सहित विपक्ष के विधायकों ने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने से आर्थिकी के सुदृढ़ होने के साथ लोगों की आर्थिकी के बेहतर होने की बात कही।
भाजपा विधायक जीतराम कटवाल ने पर्यटन क्षेत्रों में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लोगों को गाइड बनाना चाहिए।
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