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    हिमाचल विधानसभा में गूंजा संस्थान खोलने व बंद करने का मामला, डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोक-झोंक

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 01:30 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नए संस्थान खोलने और बंद करने के मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी बहस हुई। सरकार ने पिछले एक साल में 126 नए संस्थान खोले हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर संस्थानों को बंद करने का आरोप लगाया।

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    सदन में बोलते नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर। फोटो एक्स

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को नए संस्थान खोलने और बंद करने का मामला फिर सदन में गूंजा। प्रश्नकाल के दौरान विधायक दलीप ठाकुर द्वारा उठाए गए इस सवाल के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच कई बार नोक-झोंक हुई और एक-दूसरे को आइना दिखाने का प्रयास किया।

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    उप मुख्यमंत्री ने विधायक दलीप ठाकुर के सवाल के जवाब में कहा कि पिछले एक साल में मौजूदा सरकार ने 126 नए संस्थान खोले गए हैं और अधिसूचित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए संस्थान गुण दोष के आधार पर खोले जाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों के लिए दी गई जमीनों को वापस करने का कोई विचार नहीं है।

    इसे सरकार अपने पास रिजर्व रखेगी ताकि भविष्य में इसका इस्तेमाल किया जा सके। इस सवाल के दौरान सदन में भारी शोरगुल हुआ और सदन में शोरगुल रहा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया सदस्यों को शांत करते रहे।

    इस बीच, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आज तक हिमाचल प्रदेश में जो सरकारें चुनी, वह काम करने के लिए चुनी, लेकिन अबकी बार जो सरकार चुनी, वह काम नहीं कर रही, बल्कि रोक रही है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के गठन के बिना ही पूर्व सरकार के एक साल के दौरान खोले गए संस्थान बंद किए गए। उन्होंने कहा कि 1859 संस्थान बंद करने की जानकारी तो पिछले साल दी गई थी।

    उन्होंने कहा कि सरकार को बने तीन साल हो रहे हैं और अभी भी संस्थान बंद करने और शिफ्ट करने का कार्य चल रहा है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र सराज का के थुनाग स्थित बागवानी कालेज का मामला उठाया और कहा कि इसके लिए 205 बीघा जमीन की फॉरेस्ट क्लीयरेंस ली गई थी और पूर्व सरकार ने 10 करोड़ रुपए का बजट का प्रावधान भी किया था।

    टेंडर भी लगाए, लेकिन तब तक सरकार बदल गई। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने 10 करोड़ रुपए वापस ले लिया है और अभी उस संस्थान को कहीं और शिफ्ट कर दिया है। उन्होंने पूछा कि उस भवन का कार्य क्या शुरू किया जाएगा और बजट को क्या वापस दिया जाएगा।

    उन्होंने मंडी की मेडिकल यूनिवर्सिटी को सरकाघाट शिफ्ट करने और सरदार पटेल विवि का अधिकार क्षेत्र कम करने का भी मामला उठाया।

    मुकेश अग्निहोत्री ने कसा तंज 

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल कल्याणकारी राज्य है और जनता के हित के लिए कार्य किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों के लिए दी गई जमीनें सुरक्षित रख रहे हैं और उसका इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम वही हैं जो अपने कार्यकाल में कर लिया जाए।

    उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने संस्थान का निर्माण किया ही नहीं, यदि संस्थान खड़ा कर लिया होता तो कौन उसे शिफ्ट करता। पूर्व सरकार ने जमीन ट्रांसफर की और दस करोड़ रुपए जारी किए। उन्होंने कहा कि 628 स्कूल इसलिए बंद किए, क्योंकि वहां एक भी बच्चा नहीं था।

    वहां से 1400 शिक्षक दूसरे स्कूलों को भेजे और बाकी स्कूलों में स्टाफ पूरा किया है। उन्होंने कहा कि सराज के थुनाग में आपदा की वजह से दिक्कत आई है और इसलिए वहां से बच्चों को शिफ्ट किया गया है और उनकी सुरक्षा और भविष्य का सवाल है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घोषणाएं नहीं होनी चाहिए, जिसमें बजट न हो। उन्होंने कहा कि मंडी में हवाई अड्डे के लिए बजट का प्रावधान किया, लेकिन बताएं कि वहां पर हवाई अड्डा कहां है।

    उन्होंने कहा कि मंडी का हवाई अड्डा नहीं बना, लेकिन पहली ईंट तो रख जाते। इसके लिए एक हजार करोड़ रुपए का बजट रखा था, लेकिन काम शुरू नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार संतुलित विकास की पक्षधर है।

    जयराम ठाकुर ने किया पलटवार

    नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस संस्थान को बंद करना होता है, वहां से स्टाफ को शिफ्ट किया जाता है और फिर जब वहां कोई नहीं होगा तो उसे बंद कर दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि जब कालेज में शिक्षक नहीं होंगे तो बच्चे भी कालेज छोड़ेंगे और फिर यह कहकर कालेज बंद किया जा रहा है कि वहां पर बच्चे नहीं हैं।

    उन्होंने कहा कि इस सरकार के तीन साल हो रहे हैं और अभी तक पहले साल की घोषणाएं भी जमीन पर नहीं आई हैं। जिन संस्थानों के लिए जमीन देने के बाद बजट का प्रावधान किया है, क्या उनका कार्य शुरू होगा या नहीं।

    एकत्र नहीं, छिपाई जा रही सूचना

    विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सतपाल सिंह सत्ती, बिक्रम ठाकुर, पवन कुमार काजल ने सरकार द्वारा कर्मचारियों को सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति देने के मापदंड और इस सम्बन्ध में कार्मिक विभाग द्वारा लिए गए निर्णय को लेकर किए गए सवाल का जवाब न आने पर आपत्ति जताई।

    विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों की पदोन्नतियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी पेंशनरों को पेंशन नहीं मिल रही है। विधायक बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार एकत्र नहीं कर रही, बल्कि छिपा रही है।

    उन्होंने कहा कि पुनर्नियुक्ति वाले अफसरों को सरकार वित्तीय शक्तियां दे रही है जो गलत है। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सदस्यों ने पुनर्नियुक्तियों को लेकर जानकारी मांगी है, वह बहुत लंबी है और इसे एकत्र किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि सरकारी सारी जानकारी एकत्र करने पर इसे सदस्यों को देगी। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी पेंशनरों के खाते में आज पेंशन डाली जा रही है।