जम्मू संभाग में बाढ़ के बाद महामारी फैलने का बना डर, स्वास्थ्य विभाग हुआ सक्रिय, जारी किए हेल्पलाइन नंबर
जम्मू संभाग में बाढ़ के बाद जलजनित रोगों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय है। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. अब्दुल हमीद जरगर ने तैयारियों की समीक्षा की। क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य सुविधाओं की बहाली चिकित्सा टीमों की तैनाती और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पेयजल की समस्या को देखते हुए जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय पर जोर दिया गया।

राज्य ब्यूरो, जागरण, जम्मू। जम्मू संभाग में बाढ़ के बाद कोई भी जलजनित रोग न फैले, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है।
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. अब्दुल हमीद जरगर ने शुक्रवार को स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू में एक उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की। इसमें सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, राज्य मलेरिया विशेषज्ञ और राज्य निगरानी अधिकारी जम्मू उपस्थित थे।
स्वास्थ्य सेवा निदेशक जम्मू डा. अब्दुल हमीद जरगर ने संभाग में बाढ़ के बाद की स्थिति के बारे में सभी से जानकारी ली। राज्य निगरानी अधिकारी जम्मू डा. हरजीत राय ने त्वरित स्वास्थ्य मूल्यांकन, रोग निगरानी को सुदृढ़ करने, क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य सुविधाओं की बहाली, मोबाइल चिकित्सा टीमों की तैनाती, आवश्यक दवाओं और टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सुरक्षित पेयजल के लिए जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय, वेक्टर नियंत्रण उपायों में तेजी लाने और राहत शिविरों में स्वच्छता और चिकित्सा देखभाल के प्रावधान के बारे में विस्तृत निर्देश दिए।
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सामुदायिक जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और गर्भवती महिलाओं को प्रसव की अपेक्षित तिथि के आसपास निकटतम स्वास्थ्य सुविधाओं में समय पर पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि हेल्पलाइन नंबर 104 (स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे), 102/108 (एम्बुलेंस सेवाएं) और 14416 (मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन) का जनता के लाभ के लिए व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि बाढ़ के बाद दूषित पेयजल की सप्लाई होने पर जलजनित रोगों के बढ़ने के साथ मानसिक स्वास्थ्य के मामले आने की आशंका सबसे अधिक हाेती है। जम्मू शहर में ही कई स्थानों पर पेयजल सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
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कई स्थानों पर तीन-तीन दिनों से पानी नहीं आया है। उधमपुर शहर के कई क्षेत्रों में दो दिनों से तो उधमपुर जिले के रामनगर में चार दिनों से पानी नहीं आया है। इन क्षेत्रों में लोग पूरी तरह से पेयजल के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर हैं। इनमें भी पानी की गुणवत्ता की कोई जांच नहीं होती है।
इससे इन क्षेत्रों में जलजनित रोगों के बढ़ने की आशंका सबसे अधिक है। ऐसे में लोगों को स्वच्छ पेयजल मिले और लोग बीमार न हो, स्वास्थ्य विभाग जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय बनाने पर जोर दे रहा है।
इसी तरह डेंगू और मलेरिया जैसे रोग भी फैलने की आशंका है। इन दिनों बैसे ही डेंगू के मामले आते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के पास इन रोगों पर अंकुश लगाना चुनौती बन गया है।
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