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    चार दिन बाद खुला जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे, फंसे वाहनों को निकाला जा रहा, 2000 से अधिक फंसे हैं वाहन

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 04:26 PM (IST)

    भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद जम्मू-श्रीनगर हाईवे पांच दिन बाद खुल गया है। फिलहाल फंसे हुए वाहनों को निकालने का काम चल रहा है। रामबन परियोजना निदेशक शुभम के अनुसार राजमार्ग को जल्द सामान्य यातायात के लिए खोलने के प्रयास जारी हैं। राजमार्ग पर फंसे फलों से लदे ट्रक और तेल टैंकरों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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    26 अगस्त को हुई बारिश के कारण 2,000 से अधिक वाहन फंसे हुए थे।

    डिजिटल डेस्क, जम्मू। भारी बारिश के कारण ऊधमपुर जिले में कई जगह हुए भूस्खलनों और 60 मीटर लंबे हिस्से के धंसने के कारण बंद जम्मू-श्रीनगर हाईवे आज शनिवार को पांचवें दिन वाहनों के लिए खोल दिया गया। फिलहाल हाईवे पर पिछले चार दिनों से फंसे बड़े वाहनों को निकालने का काम किया जा रहा है।

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    कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली 250 किलोमीटर लंबी इस बारहमासी सड़क पर अभी तक सामान्य यातायात बहाल नहीं हो पाया है। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रामबन परियोजना निदेशक शुभम ने कहा कि राजमार्ग को सामान्य यातायात के लिए जल्द से जल्द खोलने के प्रयास जारी हैं।

    उन्होंने कहा कि हमने शुक्रवार शाम 6 बजे तक मरम्मत का काम लगभग पूरा कर लिया था और हमें उम्मीद थी कि आज शनिवार सुबह तक हाईवे पर यातायात शुरू हो जाएगा। लेकिन रात भर हुई बारिश ने हमारे प्रयासों में बाधा डाली, जिसकी वजह से वाहनों की आवाजाही देरी से शुरू हुई।

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    शुभम ने बताया कि चिनैनी और ऊधमपुर के बीच बेनाली नाले में धंसी सड़क के 60 मीटर लंबे हिस्से पर काम फिर से शुरू कर दिया गया है। सड़कों पर गिरी चट्टानों को हटाने के कुछ समय बाद फंसे हुए वाहनों, खासकर फलों से लदे ट्रकों, तेल टैंकरों और हल्के मोटर वाहनों सहित जल्दी खराब होने वाली अन्य खाद्य वस्तुओं को ले जा रहे वाहनों को दोनों ओर से नियमित रूप से आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार गत 26 अगस्त को हुई बारिश के बाद हाईवे के दोनों छोर पर 2,000 से ज़्यादा वाहन फंसे हुए थे। बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया और जम्मू क्षेत्र में मौत और तबाही का मंज़र देखने को मिला।

    वहीं ऊधमपुर में 27 अगस्त को सुबह 8.30 बजे तक 24 घंटे की इसी अवधि में 630 मिमी बारिश दर्ज की गई। जो 31 जुलाई 2019 को दर्ज की गई 342 मिमी बारिश से भी ज्यादा है। इसी अवधि के दौरान जम्मू में 380 मिमी बारिश हुई, जो 1910 में वेधशाला की स्थापना के बाद से शहर में दर्ज की गई अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है।

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    रामबन सेक्टर में विभिन्न स्थानों पर हाईवे के बाकी हिस्सों से भूस्खलन का मलबा और पत्थर पहले ही साफ कर दिए गए हैं। मुख्य समस्या ऊधमपुर-चिनैनी का हिस्सा था जिस पर 90 प्रतिशत काम लगभग पूरा हो चुका है।

    एनएचएआई अधिकारी का कहना था कि अगर मौसम ठीक रहा और कोई नुकसान नहीं हुआ, तो हम फंसे हुए सभी वाहनों को निकालने के बाद रविवार को हाईवे को सामान्य यातायात के लिए खोल देंगे।

    वहीं ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मुगल रोड पर वाहन चल रहे हैं। यह रोड जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी जिलों को दक्षिण कश्मीर के शोपियां से जोड़ता है। सिंथन टॉप रोड पर जो जम्मू के किश्तवाड़ जिले और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले को जोड़ता है, वहां भी वाहनों की आवाजाही जारी है।

    अधिकारी ने बताया कि सिंथन टॉप रोड पर परना-चिंगम के पास भूस्खलन हुआ था लेकिन अधिकारियों ने इसे साफ कर दिया। आज सुबह इसे भी वाहन चलाने योग्य बना दिया।

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    उन्होंने बताया कि जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात जारी है हालांकि सहार खड्ड और लखनपुर-माधोपुर पुलों की एक-एक ट्यूब बंद है। यहां से यातायात को दूसरी ट्यूब पर मोड़ दिया गया है।