कश्मीर घाटी में आतंकियों का 'समंदर चाचा' साथी समेत मुठभेड़ में ढेर, सुरक्षित घुसपैठ कराने में था माहिर
भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगनाओं को एक बड़ा झटका दिया है। गुरेज में घुसपैठ को विफल करते हुए दो आतंकियों को मार गिराया गया जिनमें बागू खान उर्फ समंदर चाचा भी शामिल था। वह कुपवाड़ा के टंगडार और गुरेज सेक्टर में आतंकियों को सुरक्षित घुसपैठ कराने में माहिर था और पिछले 30 सालों से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

नवीन नवाज, जागरण, श्रीनगर। पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं और उनकी संरक्षक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआई को भारतीय सेना ने एक बड़ा झटका दिया है। गुरेज में भारतीय जवानों ने गत गुरूवार घुसपैठ के प्रयास को विफल बनाते हुए जिन दो आतंकियों को मार गिराया, उनमें एक बागू खान उर्फ समंदर चाचा भी शामिल है।
वह उत्तरी कश्मीर में विशेषकर जिला कुपवाड़ा के टंगडार और गुरेज सेक्टर में आतंकियों को सुरक्षित घुसपैठ कराने में विशेषज्ञ माना जाने वाला सबसे कुख्यात गाइड था।
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने सेना को सूचना उपलब्ध कराई थी कि आतंकियों का एक दल गुरेज सेक्टर में गत बुधवार या गुरुवार को घुसपैठ कर सकता है। इसके आधार पर सेना ने गुरेज सेक्टर में चौकसी बढ़ाई और गत गुरूवार की तड़के सीमा पार से आतंकियों के एक दल ने घुसपैठ का प्रयास किया। जवानों ने इसे विफल बनाते हुए दो घुसपैठियों को मार गिराया।
यह भी पढ़ें- श्रीनगर-जम्मू हाईवे लगातार बंद रहने ने उड़ी फल उत्पादकों की नींद, बोले- हाईवे जल्द न खुला तो होगा करोड़ों का नुकसान
30 सालों से सेना के लिए सिरदर्द बना हुआ था बागू खान
संबधित सूत्रों ने बताया कि मारे गए घुसपैठियों के पास से जो दस्तावेज मिले हैं, उनमें से एक बागू खान उर्फ समंदर चाचा है। वह बीते 30 वर्ष से भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हआ था।
वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के लिए बहुत अहमियत रखता था। वह उत्तरी कश्मीर में एलओसी पर उन सभी इलाकों से अच्छी तरह से परिचित था, जहां से आतंकियों को सुरक्षित घुसपैठ कराई जा सकती है।
भारतीय बस्तियों में था समंदर चाचा का मजबूत नेटवर्क
समंदर चाचा को आईएसआई आतंकी दल के साथ बतौर गाइड भेजती रही है, जिसमे कोई नामी कमांडर शामिल होता है। दावा किया जाता है कि वह उत्तरी कश्मीर में कुपवाड़ा और बांडीपोर में एलओसी के साथ सटी भारतीय बस्तियों में भी अपना एक मजबूत नेटवर्क बनाए हुए था। सूत्रों ने बताया कि वह गुलाम जम्मू कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद के साथ सटे मानक पायीन गांव में रहता था। वह वर्ष 2010 तक पूरी तरह सक्रिय रहा।
यह भी पढ़ें- यात्रियों को बड़ी राहत, 3000 यात्रियों के लिए जम्मू से चलेंगी दो आरक्षित गाड़ियां, जाने कब होंगी रवाना
कई निर्दोष लोगों का बहा चुका है खून
सूत्रों ने यह भी बताया कि समंदर चाचा कश्मीर घाटी में लश्कर-ए-तैयबा के एक सक्रिय आतंकी के रूप में भी कई निर्दाेष लाेगों का खून बहा चुका है। इसके बाद वह लगभग गायब हो गया और बीच में कई बार यही सूचना मिली कि वह लश्कर-ए-तैयबा के किसी ट्रैनिंग कैंप में नए आतंकियों को घुसपैठ के तौर तरीके बताता है।
करीब दो वर्ष पहले उसे आईएसआई ने पुन: कश्मीर में आतंकियों की सुरक्षित घुसपैठ के लिए गाइड की जिम्मेदारी सौंपी थी। बागू खान उर्फ समंदर चाचा का मारा जाना आईएसआई और सीमा पार बैठे आतंकी सरगनाओं के लिए एक बड़ा झटका है। इससे उनके घुसपैठ के तंत्र को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।