जिला ऊधमपुर में भारी बारिश व बाढ़ के कारण जलशक्ति विभाग की 148 परियोजनाओं को पहुंचा नुकसान, पानी के लिए मचा हाहाकार
ऊधमपुर जिले में भारी बारिश के कारण जलशक्ति विभाग की 148 परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है जिससे जलापूर्ति बाधित हो गई है। ऊधमपुर शहर में तो आपूर्ति बहाल हो गई है लेकिन रामनगर और अन्य दूरदराज के इलाकों में अभी भी पानी का संकट बना हुआ है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पंपिंग और फिल्ट्रेशन का काम भी प्रभावित हुआ है जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। जिला ऊधमपुर की पांच लाख से अधिक आबादी को पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए 200 से अधिक परियोजनाएं चल रही है और 25 व 26 अगस्त को तबाही मचाने वाली बारिश से 148 परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है।
इन परियोजनाओं की मरम्मत का कार्य करना जलशक्ति विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। ऊधमपुर शहर में तो पानी की सप्लाई बहाल करने में कामयाबी मिल चुकी है, लेकिन रामनगर, पंचैरी, माेंगरी, बसंतगढ़, घोरडी में अभी तक पानी की सप्लाई बहाल नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से इन इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।
25 अगस्त की रात को शुरू हुई बारिश ने 26 अगस्त की सुबह तक जिले के विभिन्न हिस्सों में कहर बरसाया। इसी दौरान जिले में मौजूद जलशक्ति विभाग की परियोजनाएं एक एक कर बारिश व बाढ़ की भेंज चढ़ती चली गई।
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जब 27 अगस्त को दोपहर के समय मौसम में थोड़ा सुधार हुआ और जब नुकसान का आंकलन शुरू किया गया तो पता चला कि पानी की सप्लाई पहुंचाने वाली ज्यादातर परियोजनाएं तो बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है। अभी आंकलन पूरा नहीं हुआ है।
जलशक्ति विभाग अभी तक बसंतगढ़ में मौजूद अपने कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ तो संपर्क ही नहीं कर पाया है। रामनगर तहसील में लोग पानी की बूंद बूंद को तरस रहे है। रामनगर में सोमवार से बिजली बंद है और बिजली नहीं होने के कारण न तो पानी की पंपिंग हो पा रही है और न ही फिल्ट्रेशन का काम हो पा रहा है।
इतना ही नहीं विभाग को अभी यह भी पता चला है कि बारिश व बाढ़ से मशीनरी ठीक है कि नहीं। यही हालात घोरडी, लाटी, बरमीन व अन्य कई इलाकों में बने हुए हैं।
हालात की जानकारी देते हुए जलशक्ति विभाग के एक्सईएन ऊधमपुर संदीप गुप्ता ने बताया कि ऊधमपुर शहर में हमने 80 प्रतिशत पानी की सप्लाई बहाल कर दी है। लेकिन अन्य स्थानों पर हालात अभी भी खराब है।
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हमारी टीमें लगातार काम कर रही है। जब बिजली सेवा बहाल हो जाएगी तो उसके बाद ही पानी की सप्लाई को लेकर सही जानकारी दी जा सकती है। बिजली आने के बाद ही हमारी मशीनरी काम करेगी और फिर लोगों को पानी की सप्लाई मिलेगी।
बारिश के बीच बाढ़ व भूस्खलन से इस तरह का नुकसान पहली बार देखने को मिला है और इससे उभरने को काफी समय लगेगा।
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