आदिवासी जमीन खरीद मामले में बड़ा फैसला, पूर्व मंत्री एनोस एक्का, एलआरडीसी, तीन सीआइ सहित नौ लोग दोषी करार
सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासी जमीन खरीदने के मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का उनकी पत्नी मेनन एक्का रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात सहित नौ अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। एनोस एक्का ने15 साल पूर्व 1.18 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन खरीदी थी।

राज्य ब्यूरो, रांची। सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासी जमीन खरीदने के मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात सहित नौ को दोषी करार दिया है।
सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। दोषी पाए जाने के बाद सभी अभियुक्तों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार भेज दिया गया। एनोस एक्का ने 15 साल पूर्व 1.18 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन खरीदी थी।
22 अगस्त को मामले में दोनों पक्ष की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले तिथि निर्धारित की थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह महाराणा ने बताया कि मामले के एक मात्र आरोपित राजस्व कर्मचारी गोवर्धन बैठा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
जबकि एक आरोपित पशुराम केरकेट्टा के आइसीयू में भर्ती रहने के कारण उसके रिकार्ड को अलग कर दिया गया। मामले में 11 आरोपित मुकदमे का सामना कर रहे थे। एनोस पर मंत्री रहते पद का दुरुपयोग करते हुए आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जी पते का इस्तेमाल करने का आरोप है।
इसकी मदद तत्कालीन एलआरडीसी ने की थी। प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीन की खरीदारी की गई थी।
मामले में सीबीआइ की ओर से वरीय लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह के साथ अधिवक्ता खुशबू जायसवाल ने अदालत के समक्ष 18 गवाहों को प्रस्तुत किया था।
हाई कोर्ट के आदेश पर हुई थी जांच
झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआइ ने चार अगस्त 2010 को एनोस एक्का सहित अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआइ ने जांच पूरी करते हुए दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की थी।
जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया था। मामले में एनोस एक्का सहित अन्य पर पांच नवंबर 2019 को आरोप तय किया गया था।
इनको दोषी ठहराया
मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, तत्कालीन तीन सीआइ राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, अनिल कुमार, राजस्व कर्मचारी ब्रजेश मिश्रा, मनीलाल महतो एवं ब्रजेश्वर महतो दोषी पाया गया है।
एनोस एक्का ने मेनन एक्का के नाम से हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़ से अधिक, रांची के नेवरी में चार एकड़ से अधिक, चुटिया के सिरम मौजा स्टेशन रोड में नौ डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। सभी जमीन की खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थी।
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