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    Ranchi Crime: 86 साल की बुजुर्ग के साथ बहू और उसके रिश्तेदारों ने की मारपीट, लूट और चार दिन तक रखा बंधक

    रांची में 86 वर्षीय शारदा देवी मोदी ने अपनी बहू रचना देबूका और उसके रिश्तेदारों पर मारपीट गहने लूटने और बंधक बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार रचना ने अपने बच्चों और जमशेदपुर से बुलाए रिश्तेदारों के साथ मिलकर यह घटना की। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और कार्रवाई की मांग की गई है।

    By prince kumar Edited By: Prince Sharma Updated: Fri, 29 Aug 2025 05:39 AM (IST)
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    86 वर्षीय महिला के साथ की मारपीट, लूट और चार दिन तक रखा बंधक (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता,रांची। कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित अपर बाजार की रहने वाली 86 वर्षीय वृद्धा शारदा देवी मोदी ने अपनी बहू रचना देबूका और उसके रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    वृद्धा ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि रचना ने अपने बच्चों और जमशेदपुर से बुलाए परिजनों के साथ मिलकर न सिर्फ उनके साथ मारपीट की, बल्कि सोने के आभूषण, नगद रुपए और घर की चाबी लूट ली। इसके बाद उन्हें चार दिनों तक उनके ही घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया।

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    शारदा देवी, जो जयश्री हाउस, गांधी चौक, अपर बाजार में रहती हैं, ने बताया कि उनका छोटा बेटा संतोष मोदी 10 जुलाई 2025 को रचना देबूका से विवाह बंधन में बंधा था।

    बाद में यह खुलासा हुआ कि विवाह के समय रचना का अपने पहले पति से तलाक भी नहीं हुआ था। यह जानकारी मिलने के बाद जब बेटे ने रचना से सवाल किया, तो उसने उसके साथ मारपीट की और वह घर छोड़कर ओडिशा चला गया।

    इसी दौरान, 24 अगस्त को रचना देबूका ने अपने बच्चों आयुष अग्रवाल और रश्मि अग्रवाल के साथ-साथ अपने जमशेदपुर निवासी रिश्तेदारों, भाई अंकित देबूका, मां ललिता देबूका, मौसी रेखा मित्तल और उनके पुत्र विनीत मित्तल को रांची बुला लिया।

    'मारपीट की और गला दबाया'

    वृद्धा के अनुसार, इन सभी ने मिलकर उनके साथ न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उनका गला दबाया, गहने व नगदी लूट ली और घर की चाबी भी छीन ली। इसके बाद उन्हें घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया और चार दिनों तक वहीं कैद रखा गया। 27 अगस्त को रचना अपने बच्चों के साथ घर में ताला लगाकर चली गई, जिसके बाद देर रात शारदा देवी के बेटे और बेटी ने पहुंचकर ताला तोड़ उन्हें बाहर निकाला।

    वृद्धा का कहना है कि डर और कैद की स्थिति के कारण वह थाने में तत्काल सूचना नहीं दे सकीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि जाते-जाते आरोपियों ने धमकी भी दी कि वे दोबारा लौटकर उन्हें और उनके बेटे को पंखे से उल्टा लटकाकर जान से मार देंगे।

    शारदा देवी ने प्रशासन से इस अमानवीय घटना पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और खुद तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।