विजयादशमी को आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष हो रहे पूरे, पूर्ण गणवेश में दिखेंगे सभी स्वयंसेवक
स्थापना के शताब्दी वर्ष के विजयादशमी उत्सव में संघ ने अपने सभी स्वयंसेवकों से पूर्ण गणवेश में शामिल होने का आग्रह किया है। इस बाबत नए-पुराने स्वयंसेवकों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क किया जा रहा है। संघ के आंकड़ों के अनुसार अभी पूरे देश में एक करोड़ से अधिक स्वयंसेवक हैं।

संजय कुमार,रांची । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इस वर्ष विजयादशमी के दिन अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है।
संघ चाहता है कि शताब्दी वर्ष के विजयादशमी उत्सव में संघ के सभी स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हों। इस बाबत नए-पुराने स्वयंसेवकों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क किया जा रहा है।
जो किसी कारण से संघ की शाखा नहीं जा रहे हैं या संघ के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वैसे स्वयंसेवकों की सूची तैयार कर गणवेश बनवाने का काम जारी है। इसके लिए सभी नगर, बस्ती और खंडों में संघ के पदाधिकारियों का प्रवास जारी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित पूरे देश में भाजपा के लिए कार्यरत सभी स्वयंसेवकों एवं संघ के समवैचारिक संगठनों में कार्यरत सभी स्वयंसेवकों से अपने-अपने स्थानों पर विजयादशमी उत्सव में पूर्ण गणवेश में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है।
संघ के आंकड़ों के अनुसार अभी पूरे देश में एक करोड़ से अधिक स्वयंसेवक हैं। रांची में लगभग एक हजार रुपये में पूर्ण गणवेश आरएसएस के प्रांत कार्यालय में मिल जा रहा है।
सभी बस्तियों और मंडलों में पथसंचलन निकालने का निर्णय
संघ ने स्थापना दिवस पर बहुत बड़ा कार्यक्रम नहीं करते हुए सभी बस्तियों और मंडलों में विजयादशमी उत्सव मनाने एवं पथसंचलन निकालने का निर्णय लिया है।
संघ ने कार्य की दृष्टि से सभी नगरों में 10 हजार की जनसंख्या पर एक बस्ती और 10 से 12 गांवों को मिलाकर एक मंडल का गठन किया है।
अभी किसी बस्ती में दो तो किसी में तीन से चार शाखाएं लग रहीं हैं। कार्यक्रम में समाज के लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
नवरात्र के दौरान सभी स्थानों पर सुविधानुसार तिथि तय कर कार्यक्रम किए जाएंगे। विजयादशमी के दिन दो अक्टूबर को नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में सरसंघचालक मोहन भागवत शामिल होंगे और स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।
विजयादशमी उत्सव के बाद पूरे देश में वर्ष भर काम होंगे। इसमें गृह संपर्क अभियान, सामाजिक सद्भाव बैठक, मंडल और बस्ती सह हिंदू सम्मेलन, जिला केंद्रों पर प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी एवं 15 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए कार्यक्रम निर्धारित हैं। संघ के स्वयंसेवक पंच परिवर्तन को लेकर भी काम करेंगे।
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