मामूली बात को लेकर हुए विवाद में त्रिशूल मारकर की थी हत्या, दो को आजीवन कारावास
चाईबासा में एक हत्या के मामले में अदालत ने मोटू बागे और बुधिया पुरती को दोषी पाया। दोनों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जून 2022 में मोटू बागे और बुधिया पुरती पर माना पुरती की हत्या का आरोप था विवाद के बाद उन्होंने त्रिशूल से हमला किया था जिससे उसकी मौत हो गई।

जागरण संवाददाता, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में अदालत ने शुक्रवार को दो आरोपितों मोटू बागे और बुधिया पुरती को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। यह मामला 11 जून 2022 को दर्ज किया गया था।
जब कुमारडुंगी के पंचाबोया गांव निवासी मोटू बागे और मंझारी थाना क्षेत्र के बरकीमारा निवासी बुधिया पुरती पर आरोप लगा था कि उन्होंने 10 जून 2022 की रात को दोनों का किसी बात को लेकर माना पुरती से विवाद हो गया। विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गया और आरोपियों ने मिलकर माना पुरती को घेरकर उस पर हमला किया।
बताया जाता है कि हमलावरों ने एक त्रिशूल से उसके पेट में वार किया, जिसके कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मंझारी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मामले की वैज्ञानिक और कड़े तरीके से जांच की गई, जिसमें कई साक्ष्य और गवाहों के बयान जुटाए गए। सभी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माना के साथ सजा सुनाई।
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