चाईबासा उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, सहारा इंडिया को 45 दिनों में 3 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश
चाईबासा उपभोक्ता आयोग ने सहारा इंडिया को राजेंद्र मंडल को 3 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया। राजेंद्र मंडल ने सहारा की गोल्डन ए डबल स्कीम में निवेश किया था जिसकी परिपक्वता राशि का भुगतान नहीं किया गया। आयोग ने इसे सेवा में लापरवाही मानते हुए क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भी आदेश दिया और 45 दिनों में भुगतान करने का निर्देश दिया।

जागरण संवाददाता, चाईबासा। चाईबासा स्थित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक अहम फैसले में सहारा समूह से जुड़ी हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड और सहारा इंडिया के ब्रांच मैनेजर को उपभोक्ता राजेंद्र मंडल को 3 लाख रुपये की परिपक्व राशि 45 दिनों के भीतर लौटाने का आदेश दिया है।
यह मामला राजेंद्र मंडल द्वारा 11 फरवरी 2016 को सहारा की गोल्डन ए डबल स्कीम में 1 लाख 50 हजार रुपये निवेश करने से संबंधित था, जिसकी परिपक्व राशि 3 लाख रुपये होनी थी।
यह योजना 11 जून 2021 को परिपक्व हो गई थी, लेकिन अब तक शिकायतकर्ता को राशि का भुगतान नहीं किया गया था। आयोग ने यह माना कि सहारा की सोसाइटी ने उपभोक्ता के साथ सेवा में घोर लापरवाही, अनुचित व्यापार व्यवहार और विश्वासघात किया है।
इसके परिणामस्वरूप आयोग ने संबंधित ब्रांच मैनेजर और सोसाइटी को संयुक्त रूप से उपभोक्ता को 3 लाख रुपये की परिपक्व राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा, मानसिक, आर्थिक और शारीरिक उत्पीड़न के लिए 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद व्यय भी देने का निर्देश दिया गया।
45 दिनों के भीतर करें भुगतान
आयोग ने कहा कि यदि यह राशि 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं की जाती है, तो शिकायतकर्ता को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि चुकानी होगी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सहारा की सोसाइटी का दायित्व है कि वह उपभोक्ताओं को उनकी जमा राशि लौटाए और अपनी सेवा का पालन करे। आयोग ने इस आदेश को दोनों पक्षों को निःशुल्क उपलब्ध कराने और इसे अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया।
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