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    कहानी गहनों की: इको-फ्रेंडली, लाइटवेट और सुपर-स्टाइलिश होती है लाख की जूलरी, सदियों से है भारत की पहचान

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 10:42 AM (IST)

    भारत अपनी समृद्ध कला और शिल्प के लिए विश्व भर में जाना जाता है और इसी विरासत का एक अनमोल हिस्सा है लाख के गहने (Lac Jewellery)। बता दें, यह अद्भुत शिल्प कला राजस्थान की शाही धरती से जुड़ी है, जहां इसका इतिहास इस क्षेत्र के राजसी युग जितना ही पुराना है। यह केवल एक आभूषण नहीं है, बल्कि यह परंपरा, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का एक सुंदर मिश्रण है।

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    हर एथनिक लुक के लिए खास हैं 'लाख' के गहनें? दिलचस्प है इनका सदियों पुराना इतिहास (Image Source: Jagran)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज ट्रेंडिंग जूलरी में जब लोग चमक-दमक और अनोखे डिजाइन्स की तलाश में रहते हैं, वहीं पारंपरिक भारतीय गहनों की अपनी अलग ही पहचान है। खासकर लाख की जूलरी, जिसे कभी शाही परिवारों की शोभा माना जाता था, आज फिर से युवाओं की पसंद बनती जा रही है। रंगों से भरी, हल्की, खूबसूरत और टिकाऊ लाख की जूलरी न केवल एक कला है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है। आइए, 'कहानी गहनों की' सीरीज में जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें।

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    lac jewelery

    (Image Source: Instagram)

    कहां से आता है लाख?

    लाख वास्तव में पेड़ों पर रहने वाले छोटे-छोटे कीटों द्वारा बनाया गया प्राकृतिक रेजिन है। ये कीट ढाक, बेर और केसरिया जैसे पेड़ों पर बसते हैं और धीरे-धीरे शाखों पर गाढ़ी, लाल-भूरी परत जमा करते हैं। यही परत आगे चलकर लाख बनती है। पेड़ों की टहनियों पर जमने के बाद इसे इकट्ठा किया जाता है, साफ किया जाता है, गर्म किया जाता है और फिर गहने बनाने के लिए आकार दिया जाता है। भोजन, फर्नीचर पॉलिश, कॉस्मेटिक्स और दवाइयों तक- लाख का इस्तेमाल आज कई उद्योगों में होता है।

    इस प्राकृतिक पदार्थ से बनी चमकदार, रंग-बिरंगी और किफायती चूड़ियां सदियों से भारतीय महिलाओं की पसंद रही हैं। आज भी लाखों महिलाएं इन चूड़ियों को पहनती हैं- चाहे उम्र छोटी हो या बड़ी या फिर चाहे आर्थिक स्थिति कोई भी हो। कई समुदायों में इन्हें उर्वरता, सौभाग्य और वैवाहिक जीवन के प्रतीक के रूप में माना जाता है।

    Kahani Gehno Ki

    (Image Source: Instagram)

    लाख जूलरी की खासियत

    लाइटवेट और मजबूत

    लाख के गहने दिखने में भले ही नाजुक लगते हों, लेकिन गर्मी में ढलने के बाद जब ठंडे होकर सेट होते हैं, तो काफी मजबूत बन जाते हैं। इन्हें लंबे समय तक बिना किसी नुकसान के इस्तेमाल किया जा सकता है।

    मिश्रित रंगों की अनोखी खूबसूरती

    लाख को गर्म करते समय उसमें कई रंग मिलाए जा सकते हैं। यही वजह है कि लाख की जूलरी सुर्ख लाल, पीले, हरे, नीले और सुनहरे रंगों में बेहद आकर्षक लगती है। कई कारीगर प्राकृतिक रंगों का भी उपयोग करते हैं।

    पैटर्न और नक्काशी की ढेरों संभावनाएं

    कारीगर लाख को चाक पर घुमाकर या हाथ से ढालकर अनोखे पैटर्न देते हैं। फिर उस पर मिरर वर्क, गोटा, सीक्विन और स्टोन लगाकर उसे और भी आकर्षक बनाया जाता है।

    पारंपरिक और फ्यूजन- दोनों में उपयुक्त

    चाहे राजस्थानी लहंगा हो, गुजराती चनिया-चोली या फिर इंडो-वेस्टर्न ड्रेस- लाख की जूलरी हर लुक को शाही और रंगीन बना देती है। यही वर्सेटिलिटी इसे आज की युवतियों की पसंद बनाती है।

    लाख पर आधारित शिल्प हजारों साल पुराना है। राजस्थान, बिहार और झारखंड में इसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है। पुराने समय में शादी-विवाह में दुल्हनें लाख की चूड़ियों को शुभ माना करती थीं। राजपूत रानियों के लिए कारीगर विशेष चूड़ी सेट तैयार करते थे, जिनमें महीन काम और कीमती पत्थर लगाया जाता था।

    lac bangles

    (Image Source: Freepik)

    कैसे बनाई जाती है लाख की जूलरी?

    • लाख को गर्म किया जाता है ताकि वह नरम और लचीली हो जाए।
    • उसमें रंग और प्राकृतिक तत्व मिलाए जाते हैं।
    • नरम मिश्रण को लकड़ी या लोहे की छड़ पर लपेटकर घुमाया जाता है।
    • चाक जैसी मशीन पर इच्छित मोटाई का आकार दिया जाता है- खासकर चूड़ियों में।
    • ठंडा होने पर उसमें डिजाइन उकेरे जाते हैं।
    • अंत में गहनों को स्टोन, मोती या कांच के टुकड़ों से सजाया जाता है।
    • हाथ से तैयार होने के कारण प्रत्येक पीस एकदम अनूठा और खास होता है।

    lac ke gehne

    (Image Source: Instagram)

    कहां बनती है सबसे सुंदर लाख जूलरी?

    भारत के कई हिस्सों में लाख का काम प्रसिद्ध है, जिनमें शामिल हैं:

    • राजस्थान: जयपुर, जोधपुर, बीकानेर
    • बिहार: मुजफ्फरपुर
    • झारखंड: रांची
    • उत्तरी प्रदेश: वाराणसी के आसपास के क्षेत्र

    हर क्षेत्र की अपनी कला, पैटर्न और कलर कॉम्बिनेशन होते हैं, इसलिए डिजाइन भी अलग-अलग दिखते हैं।

    Lac Jewellery facts

    (Image Source: Freepik)

    आज भी बरकरार है इसका ट्रेंड

    पर्यावरण-अनुकूल विकल्प

    लाख प्राकृतिक है- इसमें केमिकल बहुत कम होते हैं। यह इको-फ्रेंडली होने के कारण युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है।

    पॉकेट-फ्रेंडली कीमतें

    इनकी खूबसूरती सोने या चांदी जैसे महंगे धातु की तरह होती है, पर कीमत काफी कम। इसलिए लोग इसे पार्टी, रेगुलर यूज और शादी-फंक्शन में आसानी से पहन सकते हैं।

    फेस्टिव और ब्राइडल लुक के लिए परफेक्ट

    लाल और सुनहरे कॉम्बिनेशन में लाख की चूड़ियां और झुमके दुल्हन के हाथों को बेहद सुंदर बनाते हैं।

    कस्टमाइजेशन की सुविधा

    कई कारीगर आपको डिजाइन, रंग, चौड़ाई और पैटर्न अपनी पसंद से बनवाने का विकल्प देते हैं।

    Lac Jewellery history

    (Image Source: Instagram)

    कैसे करें लाख जूलरी की देखभाल?

    • इन्हें बहुत ज्यादा धूप में न रखें।
    • परफ्यूम या हेयर स्प्रे सीधे जूलरी पर न छिड़कें।
    • पानी में ज्यादा देर भिगोने से रंग फीका पड़ सकता है।
    • किसी मुलायम कपड़े में लपेटकर अलग बॉक्स में रखें।

    इन छोटी-छोटी बातों से लाख की जूलरी सालों चमकती रहती है।

    रंगों, परंपरा और कला का आकर्षक संगम

    लाख की जूलरी सिर्फ सजावट नहीं है, बल्कि यह उन कारीगरों की मेहनत, विरासत और संस्कृति की अनमोल धरोहर है जो पीढ़ियों से इस कला को जिंदा रखे हुए हैं। अगर आप कुछ ऐसा पहनना चाहते हैं जो खूबसूरत हो, हल्का हो, रंगीन हो और आपकी पूरी पर्सनैलिटी को निखार दे, तो लाख की जूलरी आपके कलेक्शन में जरूर होनी चाहिए।

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