आलू के छिलकों को न लें हल्के में! इसके साथ खाने से मिलते हैं 4 बड़े फायदे
अक्सर आलू की सब्जी या पराठे बनाते समय उसके छिलके उतार दिये जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आलू के छिलकों में भी कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, ...और पढ़ें

बिना छिले आलू खाने से सेहत को मिलेंगे ये फायदे (Picture Credit - Canva)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आलू एक ऐसी सब्जी है जो न सिर्फ आपका पेट भरने का काम करती है, बल्कि इसे बनाना आसान होता है और साथ ही इसे कई तरह से बनाया भी जा सकता है। हालांकि, ज्यादातर लोग आलू को छीलकर ही पकाते हैं और इसके छिलके के फायदे नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि छिलके सहित अगर आलू खाया जाए, तो यह आपको छिले हुए आलू की तुलना में ज्यादा फाइबर, विटामिन और मिनरल्स देता है।
अगर आप डाइट में कार्बोहाइड्रेट कम करना चाहते हैं, तो सिर्फ आलू के छिलके खाना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। बस ध्यान रखें कि इसे मक्खन, चीज, क्रीम आदि जैसी हैवी चीजों के साथ न खाएं। साधारण तरीके से तैयार किए गए आलू के छिलके कैलोरी में कम होते हैं और सेहत के लिहाज से कई फायदे देते हैं। तो आइए जानते हैं बिना छिले आलू खाने के 4 ऐसे फायदे जो आपको हैरान कर देंगे।
डाइजेशन के लिए अच्छा

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बदलती लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड्स के कारण ज्यादातर लोग गैस, अपच, ब्लोटिंग जैसी अन्य पेट से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में छिलके सहित आलू सेहत के लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकते हैं। यह फाइबर का एक अच्छा स्त्रोत होते हैं, खासकर जब इसे छिलके सहित खाया जाए, क्योंकि छिलके में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो हेल्दी डाइजेशन के लिए फायदेमंद है।
साथ ही, इसमें मौजूद सॉल्युबल फाइबर आपके मल को पाचन तंत्र से आसानी से निकालने में मदद करता है और कब्ज से भी राहत दिलाता है। कई शोध में पाया गया है कि सॉल्युबल फाइबर वाली चीजें खाने से कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है। वहीं, यह आंतों की हेल्थ के लिए भी काफी अच्छा होता है और ओवरईटिंग से भी बचाता है।
हड्डियों को बनाएं मजबूत
आलू के छिलकों में ऐसे खनिज पदार्थ भी मौजूद होते हैं, जो हमारी हड्डियों की सेहत को बनाए रखने में मदद करते हैं। इन पोषक तत्वों में मैग्नीशियम और पोटेशियम भी शामिल है, हालांकि इसकी मात्रा ज्यादा नहीं होती, लेकिन डाइट में बाकी चीजों के साथ अगर छिलके सहित आलू भी शामिल कर लिए जाएं तो यह फायदेमंद होंगे। शरीर में मौजूद कुल मैग्नीशियम का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा हड्डियों में जमा होता है।
आलू को छिलके सहित या सिर्फ उसके छिलके का सेवन करने से इस जरूरी खनिज की पूर्ति में मदद मिल सकती है। इससे हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में सहारा मिलता है और मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम करने में भी यह उपयोगी हो सकता है।
कैंसर का खतरा करे कम
आलू कैंसर के खतरे को भी कम कर सकता है, खासकर बैंगनी रंग के आलुओं में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर से बचाव में मददगार हो सकते हैं। कुछ स्टडीज में देखा गया है कि इस तरह के आलू में मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट्स लैब टेस्ट में कैंसर कोशिकाओं के फैलाव को धीमा करने में सहायक रहे हैं। हालांकि, इस असर की पुष्टि के लिए इंसानों पर और रिसर्च की जरूरत है। वहीं, आलू को लेकर कई अध्ययन हो चुके हैं, जिसमें पाया गया है कि यह किसी भी तरह के कैंसर के खतरे को बढ़ाता नहीं है।
ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल

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आलू को छिलके के साथ खाने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रखने में मदद मिल सकती है। पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर में सोडियम के असर को कम करता है, जिसे हाई ब्लड प्रेशर की एक बड़ी वजह माना जाता है। इसके अलावा, पोटैशियम ब्लड वेसल्स की दीवारों को रिलैक्स करने में भी मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है।
वहीं, मैग्नीशियम भी रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स रखने में मदद करता है और कोशिकाओं की झिल्ली के जरिए कैल्शियम और पोटैशियम आयन के ट्रांसपोर्ट में भूमिका निभाता है। यह प्रक्रिया दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए जरूरी मानी जाती है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

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