किडनी खराब होने से पहले आंखें देती हैं 6 संकेत, सुबह उठते ही जरूर करें चेक
क्या आप भी मानते हैं कि किडनी डैमेज के लक्षण सिर्फ यूरिन में बदलाव या पीठ के दर्द तक ही सीमित रहते हैं? आपको बता दें कि इसके कुछ लक्षण (Kidney Damage ...और पढ़ें

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। किडनी हमारे शरीर के वेस्ट प्रोडक्ट्स को बाहर निकालने का काम करती हैं। इतना ही नहीं, ये बॉडी में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस करती हैं और बीपी कंट्रोल करने में भी मदद करती हैं। लेकिन खराब लाइफस्टाइल और डाइट के कारण हम अनजाने में ही अपनी किडनी को काफी नुकसान (Kidney Damage) पहुंचा देते हैं।
हालांकि, ज्यादातर लोग मानते हैं कि किडनी की खराबी का पता केवल यूरिन के रंग या उसमें हुए अन्य बदलावों से ही लगाया जा सकता है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है। दरअसल, किडनी डैमेज होने के कुछ संकेत (Kidney Damage Symptoms in Eyes) आंखों में भी नजर आते हैं। आइए जानें किडनी डैमेज होने पर आंखों में कैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

(Picture Courtesy: Freepik)
आंखों के पास सूजन
किडनी की समस्या का सबसे शुरुआती और सामान्य लक्षण है आंखों के नीचे और आसपास सूजन का होना। इसे 'पेरिऑर्बिटल एडिमा' कहा जाता है। ऐसा तब होता है, जब किडनी यूरिन के जरिए प्रोटीन भी शरीर से बाहर निकालने लगती है। इसके कारण टिश्यूज में फ्लूइड जमा होने लगता है और आंखों के पास सूजन आ जाती है। हालांकि, सोकर तुरंत उठने के बाद आंखों के पास हल्की सूजन नॉर्मल है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे, तो किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है।
आंखों में ड्राइनेस और खुजली
किडनी डैमेज होने पर शरीर में मिनरल्स और पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है। ब्लड में कैल्शियम और फास्फोरस का स्तर असामान्य होने से का सीधा असर आंखों की नमी पर पड़ता है, जिससे आंखों में जलन, ड्राइनेस और लगातार खुजली की समस्या हो सकती है।
आंखों में रेडनेस
किडनी के ठीक से काम न करने के कारण शरीर के मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी आती है। कैल्शियम और फॉस्फेट के क्रिस्टल आंखों की सफेद सतह पर जमा हो सकते हैं, जिससे आंखें लाल दिखाई देने लगती हैं। इसे अक्सर लोग सामान्य एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह किडनी की गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।
धुंधला दिखाई देना
किडनी डैमेज होने का एक मुख्य कारण डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर है। ये दोनों स्थितियां आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचाती हैं। जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर में जमा होने वाला फ्लूइड आंखों के लेंस के आकार को बदल सकता है, जिससे धुंधला दिखाई देता है।
पेरिफेरल विजन प्रभावित होना
पेरिफेरल विजन का मतलब है आंखों के किनारों से दिखाई देना। किडनी की समस्या से जुड़े हाई ब्लड प्रेशर के कारण आंखों की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिसे ग्लूकोमा का एक रूप भी माना जा सकता है। इससे धीरे-धीरे व्यक्ति की साइड की दृष्टि कम होने लगती है।
आंखों में प्रेशर या दर्द महसूस होना
जब किडनी शरीर से एक्स्ट्रा फ्लूइड को बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ जाता है। यह बढ़ा हुआ फ्लूइड आंखों के अंदरूनी दबाव को बढ़ा सकता है। इससे आंखों में भारीपन, दबाव या हल्का दर्द महसूस हो सकता है।

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