डायबिटीज है, तो टेंशन नॉट! इन 5 तरीकों से शुगर को करें कंट्रोल और पाएं एक नॉर्मल जिंदगी
डायबिटीज का नाम आते ही यही ख्याल आता है कि अब जिंदगी पहले जैसी नहीं रह पाएगी लेकिन ऐसा नहीं है। यदि इस बीमारी में खानपान एक्सरसाइज का पूरा-पूरा ख्याल रखा जाए तो इसके साथ भी बेहतर जिंदगी जी जा सकती है। आइए जानते हैं डायबिटीज के मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डायबिटीज मरीजों को यह बात अच्छी तरह पता होती है कि उनके लिए ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना कितना जरूरी है। लेकिन क्या आपको पता है डायबिटीज आपके शरीर के हर अंग को ही प्रभावित करता है, सिर्फ ब्लड शुगर के लेवल को ही नहीं। हेल्दी खानपान, नियमित चेकअप और ब्लड शुगर के स्तर का सही नियंत्रण करने से इससे होने वाली मुश्किलों से बचा जा सकता है।
डायबिटीज इस तरह डालती है असर
- आंखें: डायबिटिक रेटिनोपैथी आपके आंखों के ब्लड वेसल्स को डैमेज कर सकती है। इसकी वजह से एडल्ट में आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है।
- हार्ट और ब्लड वेसल्स: डायबिटीज से कार्डियोवेस्कुलर डिजीज, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। लगातार हाई ब्लड शुगर रहने से हार्ट और ब्लड वेसल्स पर प्रभाव पड़ता है।
- किडनी: डायबिटिक नेफ्रोपैथी की स्थिति में किडनी को ज्यादा काम करना पड़ता है। कई बार यह किडनी फेल्यिर का भी कारण बनता है, जिसमें डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है।
- पैर: डायबिटिक न्यूरोपैथी की वजह से नर्व डैमेज का खतरा बढ़ जाता है, खासकर पैरों की नर्व का। आपको पैरों में दर्द, सुन्नपन या झनझनाहट महसूस हो सकती है। ऐसे में पैरों की चोट को नजरअंदाज करने पर गंभीर इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है।
डायबिटीज के साथ ऐसे रह सकते हैं हेल्दी
- ब्लड शुगर को रखें मैनेज- डायबिटीज से होने वाली परेशानियों से बचने का सबसे सही तरीका है ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना। इस पर हर समय नजर रखने के लिए आप वियरेबल डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं, जोकि लगातार आपके ब्लड शुगर की जानकारी देती रहेगी।
लाइफस्टाइल में करें हेल्दी बदलाव
- खानपान रखें सही: बैलेंस डाइट लें, जिसमें प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम से कम हो और फाइबर की मात्रा ज्यादा हो।
- रेगुलर एक्सरसाइज: हफ्ते में तीन से चार दिन सिर्फ आधे घंटे की एक्सरसाइज भी ब्लड शुगर को नियंत्रित रख सकती है। इससे हार्ट हेल्थ भी बेहतर रहती है।
- स्मोकिंग करने से बचें: सिगरेट पीना बंद कर दें या सीमित कर दें।
- अच्छी नींद लें: हर रात कम से कम सात घंटे की नींद जरूर लें।
- पैरों की जांच करें: हर दिन अपने पैरों को देखें कि कहीं कोई घाव तो नहीं, खासकर पैरों के अंगूठों के बीच।
- आई टेस्ट: साल में कम से एक बार आंखों की जांच जरूर कराएं। अगर कोई समस्या नजर आ रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें।
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