क्या आप भी एयरपोर्ट पर भूल गए हैं बैग? तो यहां जानिए लावारिस सूटकेस के साथ क्या करते हैं एयरपोर्ट वाले
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप अपना सामान एयरपोर्ट पर ही भूल गए हों? एयरपोर्ट से निकलने की जल्दबाजी या फ्लाइट की थकान के कारण ऐसा कई लोगों के साथ ...और पढ़ें

एयरपोर्ट पर छूटे सामान के साथ क्या होता है? (Picture Courtesy: Getty Image)
स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। लंबी उड़ान की थकान, आपाधापी और एयरपोर्ट से जल्दी निकलने के चक्कर में कई बार लोग अपना सामान बैगेज बेल्ट पर ही भूल जाते हैं। जल्दी-जल्दी में वे खुद तो घर पहुंच जाते हैं, लेकिन उनका कीमती सामानों से भरा सूटकेस पीछे ही रह जाता है।
ऐसे में कई लोग समझते हैं कि ये सामान बैगेज बेल्ट पर ही गोल-गोल घूमता रहता है, लेकिन आपको बता दें ऐसा नहीं होता। दरअसल, एयरपोर्ट पर लावारिस छूटे सामान को लेकर एक बेहद सख्त प्रक्रिया फॉलो की जाती है। आइए जानते हैं कि अगर एयरपोर्ट पर सामान छूट जाए, तो उसके साथ क्या किया जाता है।
-1768556023514.jpg)
(Picture Courtesy: Shutterstock)
बैगेज क्लेम पर छूटे सामान के साथ क्या होता है?
अगर कोई सामान बैगेज बेल्ट पर रह जाए और यात्री उसे क्लेक्ट नहीं कर रहा है, तो फिर एयरपोर्ट अथॉरिटी कुछ स्टेप्स फॉलो करती है-
- लॉस्ट एंड फाउंड विभाग को सौंपना- एक निश्चित समय के बाद, स्टाफ बैग को बेल्ट से हटा देता है। इसे सुरक्षा जांच के बाद एयरलाइन के बैगेज ऑफिस या 'लॉस्ट एंड फाउंड' विभाग में सुरक्षित रख दिया जाता है। लेकिन इसकी भी एक समय सीमा है। शुरुआत के सिर्फ 24 से 72 घंटों तक इसे यहीं रखा जाता है।
- यात्री से संपर्क की कोशिश- एयरलाइन स्टाफ बैग पर लगे टैग के जरिए यात्री का विवरण निकालता है। बुकिंग के दौरान दिए गए फोन नंबर या ईमेल पर सूचना भेजी जाती है। कई बार तो एयरलाइन घर तक डिलीवरी का विकल्प भी देती है। अगर यात्री वहां से किसी दूसरी जगह की उड़ान भर चुका होता है, तो कुछ मामलों में एयरपोर्ट अराइवल एयरपोर्ट पर सामान भिजवाने का प्रबंध भी कर सकती है।
- सेफ जोन में रखा जाता है- अगर यात्री तुरंत जवाब नहीं देता, तो बैग को एक सुरक्षित जोन में रख दिया जाता है। भारत में नियम के अनुसार इसे 21 दिनों तक रखा जा सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह अवधि 60 से 90 दिनों तक हो सकती है। इस स्टेज में बैग में से जल्दी खराब होने वाली चीजें, जैसे- खाने-पीने का सामान तुरंत निकाल दिया जाता है। ऐसा स्वच्छता बनाए रखने और कीड़े-मकौड़ों को सामान की आकर्षित होने से रोकने के लिए किया जाता है।
- नीलामी या दान- जब कानूनी रूप से निर्धारित समय सीमा समाप्त हो जाती है और कोई दावेदार नहीं आता, तो बैग को 'अनक्लेम्ड प्रॉपर्टी' घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद इन्हें सार्वजनिक नीलामी में बेचा जाता है, दान कर दिया जाता है या रीसेलर्स को दे दिया जाता है। ऐसा करने से सामान बर्बाद होने से बच जाता है और जरूरतमंद व्यक्ति को वह सामान मिल जाता है।
अगर बैग का टैग फट गया हो या बैग खराब हो तो क्या होगा?
कभी-कभी सूटकेस बिना टैग के या फटी हुई स्थिति में मिलते हैं। ऐसी स्थिति में एयरलाइन मालिक की पहचान करने के लिए कुछ खास तरीके अपनाती है-
- इंटरनल इंवेस्टिगेशन- बैग के अंदर रखे विजिटिंग कार्ड, बोर्डिंग पास या पहचान पत्र की तलाश की जाती है।
- स्कैनिंग सिस्टम- टैग के फटे हुए हिस्सों या छिपे हुए बारकोड को स्कैन करने की कोशिश की जाती है।
- क्रॉस रेफ्रेंसिंग- यात्री द्वारा दर्ज कराई गई मिसिंग बैग की रिपोर्ट और तस्वीरों से लावारिस बैग को मैच किया जाता है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।