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    ग्वालियर में सेवानिवृत्त उपपंजीयक को 48 दिन डिजिटल अरेस्ट रख 1.12 करोड़ रुपये की ठगी, साइबर ठगों ने कंबोडिया से किए कॉल

    Updated: Mon, 12 Jan 2026 06:26 PM (IST)

    ग्वालियर में सेवानिवृत्त उप पंजीयक बिहारीलाल गुप्ता को साइबर ठगों ने 48 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 1.12 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को TRAI/CBI अधि ...और पढ़ें

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    बुजुर्ग से साइबर ठगी। (प्रतीकात्मक चित्र)

    डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। सेवानिवृत्त उप पंजीयक बिहारीलाल गुप्ता को 48 दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर 1.12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई है। साइबर ठगों ने मनी लॉड्रिंग के केस में फंसा बताकर उन्हें 16 नवंबर 2025 से दो जनवरी 2026 तक डिजिटल अरेस्ट किया। साइबर क्राइम पुलिस की जांच में इस ठगी में कंबोडिया कनेक्शन सामने आया है। सेवानिवृत्त उप पंजीयक को साइबर ठगों ने कंबोडिया के नंबरों से फोन किए। हालांकि उनसे जिन 24 खातों में धनराशि मंगाई गई, वे चार निजी बैंकों के चालू खाते देश के ही 11 राज्यों के हैं।

    इस तरह फंसाया

    ग्वालियर की ओल्ड खेड़ापति कॉलोनी निवासी 76 वर्षीय बिहारी लाल गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने रविवार रात को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, बिहारी लाल के पास साइबर ठगों ने सबसे पहली फोन कॉल 16 नवंबर 2025 को की थी। ठग ने स्वयं को TRAI का अधिकारी और अपना नाम रोहित शर्मा बताया। कहा कि सीबीआई से उनका नंबर और आधार कार्ड नंबर बंद करने के लिए दिया गया है, क्योंकि उनका नाम मनी लांड्रिंग केस में चिन्हित हुआ है।

    इसके तुरंत बाद ही उन्हें वाट्स एप पर वीडियो कॉल आई। सामने वर्दी पहने बैठे दिख रहे उस ठग के कंधे पर भी लगे बैज पर आईपीएस लिखा था। उसने कहा कि मनी लॉंड्रिंग केस में उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। कमरे में ही बंद रहें। किसी से भी बात नहीं कर सकते। सभी खातों की जांच होगी।

    ठगों ने पैसा चार खातों में यह कहकर ट्रांसफर करा लिया कि जांच के बाद सही पाए गए तो वापस आ जाएंगे। इस तरह उनके खाते से अलग-अलग दिनों में 24 बार में 60 लाख रुपये और पत्नी के खाते से 52 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।

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    लुटा दी जमापूंजी

    बुजुर्ग बिहारी लाल ने जीवनभर की पूंजी म्यूचुअल फंड में लगाई थी। म्यूचुअल फंड से भी ठगों ने सारे रुपये निकलवा लिए। ठग विश्वास दिलाने के लिए रिजर्व बैंक के नाम की फर्जी रिसीविंग रसीद सील और हस्ताक्षर कर भेजते थे। क्राइम ब्रांच के डीएसपी मनीष यादव का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच जारी है।

    ठग बोले- बुजुर्ग हो, इसलिए मौका दे रहे हैं, वर्ना गिरफ्तार ही करते

    शातिर साइबर ठगों ने बिहारी लाल गुप्ता से कहा कि आप बुजुर्ग हैं, इसलिए प्री-इंवेस्टिगेशन का ऑर्डर दे रहे हैं। इसके लिए आईपीएस बनकर बात कर रहे ठग ने कहा कि सीबीआई अधिकारी प्रदीप कुमार को आवेदन देना होगा। उसने ही वाट्सएप पर आवेदन मंगवाया। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट का प्रविधान बताकर बातों में फंसा लिया।