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    'डॉ. आंबेडकर की विचारधारा के खिलाफ...', आर्टिकल 370 पर SC के फैसले को लेकर CJI बीआर गवई का बड़ा बयान

    Updated: Sat, 28 Jun 2025 04:15 PM (IST)

    जस्टिस बीआर गवई ने नागपुर में संविधान प्रस्तावना पार्क के उद्घाटन पर कहा कि आर्टिकल 370 डॉ. आंबेडकर की विचारधारा के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने देश को एकजुट रखने के लिए एक संविधान की कल्पना की थी और वे किसी राज्य के लिए अलग संविधान के समर्थक नहीं थे।

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    नागपुर में संविधान प्रस्तावना पार्क के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे थे सीजेआई गवई (फोटो: पीटीआई)

    पीटीआई, नागपुर। देश के चीफ जस्टिस बीआर गवई शनिवार को नागपुर में संविधान प्रस्तावना पार्क के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 डॉ. आंबेडकर की विचारधारा के खिलाफ था।

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    जस्टिस गवई ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने देश को एकजुट रखने के लिए एक संविधान की कल्पना की थी और उन्होंने कभी भी किसी राज्य के लिए अलग संविधान के विचार का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला डॉ. आंबेडकर के दृष्टिकोण से प्रेरित था।

    2019 में निरस्त हो गया था आर्टिकल 370

    बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने संविधान के आर्टिकल 370 को निरस्त कर दिया था, जिसके खिलाफ सु्प्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। तब इस मामले की सुनवाई तत्कालीन चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यों की पीठ ने की थी।

    शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में केंद्र के फैसले को बरकरार रखा था। मराठी सभा में बोलते हुए सीजेआई गवई ने कहा कि जब मामले की सुनवाई चल रही थी, तब मुझे बाबासाहेब के शब्द याद आए कि एक संविधान देश के लिए उपयुक्त है।

    डॉ. आंबेडकर को किया याद

    • प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि उस वक्त डॉ. आंबेडकर की आलोचना की गई थी कि संविधान बहुत अधिक संघवाद प्रदान करता है और युद्ध के समय देश एकजुट नहीं रह सकता। लेकिन डॉ. आंबेडकर ने तब कहा था कि संविधान सभी चुनौतियों का मुकाबला कर देश को एकजुट रखेगा।
    • जस्टिस गवई ने कहा कि पड़ोसी देशों की स्थिति देखें, चाहें वो पाकिस्तान हो या बांग्लादेश या भी फिर श्रीलंका। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे।

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