Jharkhand Technical Education: तकनीकी शिक्षण संस्थानों को पीपीपी मोड पर चलाएगी सरकार, अंब्रेला पालिसी होगी लागू
राज्य सरकार नए तकनीकी शिक्षण संस्थानों को निजी भागीदारी से चलाने के लिए नीति लागू करेगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को झारखंड विधानसभा से पारित कराने के बाद अब पीपीपी पालिसी के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने में जुट गई है। विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे इंजीनियरिंग कालेजों प्रोफेशनल कालेजों तथा पालीटेक्निक संस्थानों को निजी भागीदारी से चलाने पर विचार किया जा रहा है।

राज्य ब्यूरो, रांची । राज्य सरकार नए तकनीकी शिक्षण संस्थानों को निजी भागीदारी से चलाने के लिए नीति लागू करेगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को झारखंड विधानसभा से पारित कराने के बाद अब पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप ) पालिसी के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने में जुट गई है।
विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे इंजीनियरिंग कालेजों, प्रोफेशनल कालेजों तथा पालीटेक्निक संस्थानों को निजी भागीदारी से चलाने पर विचार किया जा रहा है।
अंब्रेला पालिसी लागू होगी
इसके लिए अब एक अंब्रेला पालिसी लागू होगी, जिसके तहत ही निजी क्षेत्रों को उसके संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। अभी तक विभिन्न संस्थानों को पीपीपी माेड पर संचालन अलग-अलग शर्तों और अवधि के लिए हाे रहा है।
अब सभी संस्थानों के मामले में एक समान शर्तें लागू होंगी तथा समान अवधि के लिए संस्थानों को चलाने की जिम्मेदारी निजी क्षेत्रों को दी जाएगी।
पालिसी में झारखंड के स्थानीय युवाओं के आरक्षण से लेकर उनके शुल्क में छूट आदि का प्रविधान किया जा रहा है। कितनी सीटें मैनेजमेंट कोटा की होंगी, इसका भी निर्धारण पालिसी में किया जाएगा।
अभी तीन इंजीनियरिंग कालेजों का पीपीपी मोड में संचालन
बताते चलें कि वर्तमान में तीन इंजीनियरिंग कालेज रामगढ़, चाईबासा तथा दुमका में पीपीपी मोड में संचालित किया जा रहा है।
वहीं, सिल्ली पालीटेक्निक सहित कुछ अन्य पालीटेक्निक का संचालन इस आधार पर किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा बोकारो में इंजीनियरिंग कालेज तथा गोड़्डा में प्रोफेशनल कालेज की स्थापना की गई है, जिनका संचालन पीपीपी मोड पर कराया जा सकता है।
वहीं, जमशेदपुर में नए इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण होना है। गोला एवं कोडरमा में इंजीनियरिंग कालेज चलाने के लिए निजी भागीदार का चयन पहले ही कर लिया गया है।
रांची, गुमला, गिरिडीह सहित कई अन्य जिलों में भी नए इंजीनियरिंग कालेजों की स्थापना होना है, जिनका संचालन पीपीपी मोड में किया जा सकता है। राज्य सरकार अभी बीआइटी सिंदरी एवं पलामू में इंजीनियरिंग कालेज का संचालन स्वयं कर रही है।
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