युवाओं के लिए 'अपनी तरह का पहला इंटर्नशिप कार्यक्रम' शुरू करेगी सेना, एआइ-ड्रोन जैसे क्षेत्रों में मिलेंगे अवसर
उप सेना प्रमुख (डीसीओएएस) लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर ने कहा कि सेना युवाओं को तकनीक, साइबर कौशल, एआइ और ड्रोन जैसे क्षेत्रों में अवसर प्रदान करने के लिए अपनी तरह का पहला इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करेगी।

युवाओं के लिए 'अपनी तरह का पहला इंटर्नशिप कार्यक्रम' शुरू करेगी सेना (सांकेतिक तस्वीर)
एएनआई, नई दिल्ली। उप सेना प्रमुख (डीसीओएएस) लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर ने कहा कि सेना युवाओं को तकनीक, साइबर कौशल, एआइ और ड्रोन जैसे क्षेत्रों में अवसर प्रदान करने के लिए अपनी तरह का पहला इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना पूर्वोत्तर और लद्दाख क्षेत्र से महिलाओं को जवानों के रूप में भर्ती कर रही है। उनकी उपस्थिति प्रभावशाली रही है। भारतीय सेना संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में स्वदेशी बख्तरबंद वाहनों और एटीवी का उपयोग कर रही है।
उप-सेना प्रमुख ने कहा, ''आर्मी इंटर्नशिप प्रोग्राम देश के युवाओं को तकनीक (साइबर, एआइ, ड्रोन आदि), जनसंचार और लेखा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से अपनी सेना के साथ काम करने का अवसर प्रदान करने का एक प्रयास है। सेना के साथ इंटर्नशिप करना किसी के भी सीवी में एक यादगार प्रविष्टि होती है।''
प्रादेशिक सेना में महिलाओं की भर्ती के बारे में पूछे जाने पर उप-सेना प्रमुख ने कहा, ''यह सही है। यह भर्ती 'अन्य रैंक' श्रेणी के अंतर्गत है, जो जवानों से संबंधित है। इस पहल के तहत, महिला सैनिकों के पहले बैच की भर्ती प्रादेशिक सेना के माध्यम से की जा रही है, जो पूर्वोत्तर और लद्दाख में की जा रही है। महिला उम्मीदवारों का उत्साह और उपस्थिति प्रभावशाली रही है। इसलिए, हम भर्ती के अगले चरण में भी महिलाओं को शामिल करने की योजना बना रहे हैं।''
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तैनात अपने सैनिकों की सुरक्षा, गतिशीलता और रसद व्यवस्था को मजबूत किया है, जिसमें बख्तरबंद वाहनों और एटीवी जैसे स्वदेशी प्लेटफार्म की तैनाती भी शामिल है।

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