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    बिहार में तीन लाख लोगों के रद होंगे वोटर आईडी कार्ड? चुनाव आयोग ने थमाया नोटिस

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 05:44 PM (IST)

    बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में चुनाव आयोग को तीन लाख लोगों की नागरिकता संदिग्ध मिली है जिनमें ज्यादातर नेपाल और बांग्लादेश के होने की संभावना है। इन लोगों को 25 सितंबर तक अपनी नागरिकता प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज देने होंगे। आयोग ने इन लोगों की पहचान पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण मधुबनी किशनगंज पूर्णिया कटिहार अररिया और सुपौल जिलों से की है।

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    SIR के बाद खुल रही धीरे-धीरे परतें।

    अरविंद पांडेय, जागरण। बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने के साथ ही चुनाव आयोग को राज्य में जिस तरह से बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम दर्ज होने को लेकर प्रारम्भिक जानकारी मिली थी, अब उसे लेकर तस्वीर साफ होती दिख रही है।

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    चुनाव आयोग को ड्राफ़्ट सूची में शामिल तीन लाख लोगों की नागरिकता संदिग्ध मिली है। जिन्हें अब अपनी नागरिकता साबित करने के लिए नोटिस दिया गया है। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक इनमें से ज्यादातर नेपाल और बांग्लादेश के होने की संभावना है। साथ ही बताया है कि इन तीन लाख लोगों की पहचान बिहार के आठ जिलों से की गई, जबकि और जिलों में इनकी जांच चल रही हैं।

    इन जिलों से हुई तीन लाख लोगों की पहचान 

    माना जा रहा है कि इनकी संख्या अभी और बढ़ सकती है। फिलहाल जिन जिलों से अभी इन तीन लाख लोगों की पहचान की गई है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और सुपौल है। चुनाव आयोग के मुताबिक जिन तीन लाख लोगों को नोटिस दिया गया है, उन्हें 25 सितंबर से पहले अपने नागरिकता प्रमाणित करने वाले दस्तावेज देने होंगे, क्योंकि 25 सितंबर तक ऐसे मामलों पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।

    65 लाख लोगों को मदाता सूची से बाहर कर चुका है चुनाव आयोग

    आयोग के तय कार्यक्रम के मुताबिक 30 सितंबर तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन हो जाएगा। इस कार्यक्रम के अनुसार अभी ड्राफ़्ट सूची को लेकर दावे आपत्ति ली जा रही है। गौरतलब है कि पुनरीक्षण के दौरान आयोग पहले ही करीब 65 लाख लोगों को मतदाता सूची से बाहर कर चुका है। इनमें मृत हो चुके दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके और दो जगहों से नाम दर्ज कराने वाले मतदाता शामिल थे।

    राजनीतिक दलों में अब तक सीपीआईएमएल में थोड़ी सक्रियता दिखी थी और बताया जाता है कि एक दिन पहले तक उसकी ओर से 79 शिकायत दर्ज की गई थी और नाम जोड़ने का आग्रह किया गया था।

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