पाकिस्तान बॉर्डर पर पहुंचे सुखोई और राफेल, यात्री विमानों के उड़ान भरने पर पाबंदी; अचानक ऐसा क्या हुआ?
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान में आक्रमण नामक एक बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है। 25 जुलाई तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी सीमा पर वायुसेना की क्षमता का परीक्षण करना है। इस अभ्यास में राफेल और सुखोई-30 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं और यह वायुसेना की नियमित तैयारी का हिस्सा है।

जागरण संवाददाता, जयपुर। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच भारतीय वायुसेना ने बुधवार से बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया, जिसमें लड़ाकू विमान अपना दम दिखा रहे हैं।
पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के बाड़मेर और जोधपुर के रेगिस्तान में 25 जुलाई तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास का नाम 'आक्रमण' रखा गया है। इसका मकसद पश्चिमी सीमा पर वायुसेना की क्षमता को परखना और मजबूत करना है।
क्षेत्र के लिए नोटम जारी
वायुसेना के अभ्यास को देखते हुए इस क्षेत्र के लिए नोटम जारी किया गया है। इसके तहत इस वायु क्षेत्र में किसी यात्री विमान को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यास में फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स राफेल, सुखाई-30 जैसे लडाकू विमानों के साथ अन्य विमानों को भी शामिल किया गया है। इनके साथ ही एयर डिफेंस सिस्टम और रात में संचालन की विशेष तकनीकों पर भी जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह अभ्यास वायुसेना के नियमित संचालन तैयारी कार्यक्रम का हिस्सा है, लेकिन हाल के ड्रोन खतरों को देखते हुए इसका सामरिक महत्व बढ़ गया है। युद्धाभ्यास के तहत वायुसेना के पायलट लंबी दूरी की उड़ानें भर रहे हैं।
पायलटों को वास्तविक युद्ध जैसा अनुभव देने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस अभ्यास की शीर्ष स्तर पर भी निगरानी की जा रही है। युद्धाभ्यास में वायुसेना के शीर्ष पायलट भाग ले रहे हैं, जिन्हें अनुभवी प्रशिक्षकों की निगरानी में अभ्यास कराया जा रहा है।
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