Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मालेगांव ब्लास्ट केस: 31 जुलाई को आएगा फैसला, जानिए मामला क्यों रहा बेहद संवेदनशील

    Updated: Tue, 29 Jul 2025 08:33 PM (IST)

    महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में 17 साल पहले हुए विस्फोट मामले में एनआईए कोर्ट 31 जुलाई को फैसला सुनाएगी। इस विस्फोट में छह लोगों की जान गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सात लोग आरोपित हैं। यह मामला हिंदू आतंकवाद जैसे शब्दों के इस्तेमाल के कारण राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है।

    Hero Image
    मालेगांव ब्लास्ट केस में एनआईए कोर्ट सुनाएगी फैसला। (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में 17 साल पहले हुए एक शक्तिशाली विस्फोट मामले में विशेष एनआईए कोर्ट 31 जुलाई को फैसला सुनाएगी। इस विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा घायल हुए थे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित (सेवानिवृत्त) सहित सात लोग इस मामले में आरोपित हैं। यह राजनीतिक रूप से सर्वाधिक संवेदनशील मामलों में से एक रहा है, क्योंकि इसमें 'हिंदू आतंकवाद' और 'भगवा आतंकवाद' जैसे शब्दों का पहली बार प्रयोग किया गया।

    31 जुलाई को पेश होंगे सभी आरोपित

    विशेष न्यायाधीश एके लाहोटी ने सभी आरोपितों को 31 जुलाई को अदालत में पेश होने को कहा है। विशेष अदालत में आने वाले इस फैसले के कारण परिसर की अन्य अदालतों को उस दिन अन्य मामलों की सुनवाई स्थगित रखने या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करने को कहा गया है।

    क्या है मामला?

    29 सितंबर 2008 को रमजान महीने के दौरान रात करीब 9.35 बजे हुए मालेगांव के भीखू चौक पर एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। इस घटना के अगले दिन से ही नवरात्र की शुरुआत होने वाली थी। इस विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 100 से अधिक घायल हुए थे। यह स्थान मुंबई से लगभग 291 किलोमीटर दूर है।

    अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित

    अदालत ने 19 अप्रैल को इस मामले को आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया था और आरोपितों को फैसले के लिए आठ मई को पेश होने का निर्देश दिया था। हालांकि, विशेष न्यायाधीश लाहोटी ने फैसला सुनाने के लिए 31 जुलाई की तारीख तय की है।

    5 आरोपित हो चुके हैं बरी

    मुकदमे का सामना करने वाले सात आरोपित हैं- साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित (सेवानिवृत्त), मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), समीर कुलकर्णी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडे और सुधाकर चतुर्वेदी। इस मामले में कुल 12 आरोपित थे, जिनमें से पांच को पहले ही बरी किया जा चुका है। इन पांचों को विशेष एनआइए अदालत में मुकदमा शुरू होने से पहले ही बरी किया जा चुका है।

    ये भी पढ़ें: 2008 मालेगांव ब्लास्ट मामले की सुनवाई कर रहे जज लाहोटी का ट्रांसफर, फैसला सुरक्षित रखने से कुछ दिन पहले आया ऑर्डर