मुंबई: मराठा आंदोलन से बिगड़ी यातायात की समस्या, जाम के झाम से लोग हो रहे परेशान
मुंबई में मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा गई। प्रदर्शनकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और बीएमसी मुख्यालय के पास चौक जाम कर दिया जिससे गेटवे ऑफ इंडिया तक सड़कें बाधित हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने भोजन और पानी की कमी की शिकायत की।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में चल रहे आंदोलन के कारण दक्षिण मुंबई में यातायात व्यवस्था ध्वस्त होती नजर आई। शनिवार को इस आंदोलन का दूसरा दिन था।
शनिवार को दक्षिण मुंबई क्षेत्र में भारी यातायात जाम की स्थिति रही, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और बृहन्मुंबई नगर निगम मुख्यालय के पास महत्वपूर्ण चौक को जाम कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों की शिकायत
चौक से सड़कें गेटवे ऑफ इंडिया, मंत्रालय, विधान भवन, चर्चगेट, मेट्रो सिनेमा और पश्चिमी नौसेना कमान मुख्यालय तक जाती हैं। प्रदर्शनकारियों ने भोजन, पानी, सुबह के समय शौच की सुविधा की कमी की शिकायत की और सड़कों पर बैठ गए। उन्होंने दक्षिण मुंबई क्षेत्र में कई होटलों और खाऊ गलियों के बंद होने की भी शिकायत की।
भारी बारिश के बावजूद जरांगे पाटिल आजाद मैदान के शेड में डटे हैं। वहां वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं, जबकि सैकड़ों समर्थकों ने सीएसएमटी और उपनगरीय रेलवे स्टेशनों तथा फोर्ट क्षेत्र की इमारतों के बरामदों में रात बिताई।
मुंबई पुलिस की अपील
मुंबई पुलिस और मुंबई यातायात पुलिस के अधिकारी भीड़ से विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित क्षेत्र, आजाद मैदान में जाने का अनुरोध कर रहे हैं। जबकि आंदोलनकारी विरोधस्वरूप सीएसएमटी और बीएमसी मुख्यालय क्षेत्र में पोहा पका रहे हैं।
राजनेताओं के खिलाफ नारेबाजी
साथ ही वे राजनेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी कर रहे हैं। शाम को कई प्रदर्शनकारी जहांगीर आर्ट गैलरी में घुस गए। जरांगे पाटिल ने शुक्रवार को आंदोलन शुरू करते हुए कहा कि मैं गोलियां खाने को तैयार हूं। मैं जेल जाने को तैयार हूं। चाहे कुछ भी हो जाए। मैं पीछे नहीं हटने वाला हूं।
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