2 घंटे में मुंबई से अहमदाबाद! कब शुरू होगी पहली बुलेट ट्रेन? रेलवे ने खुद दे दिया 'वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट'
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है। स्टेशनों का निर्माण अंतिम चरण में है जो आधुनिक तकनीक और संस्कृति का मिश्रण होंगे। गुजरात और महाराष्ट्र में 25 नदी पुलों में से 17 पूरे हो चुके हैं। यह कॉरिडोर 508 किलोमीटर लंबा है और 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तय होगा जिससे मुंबई से अहमदाबाद का सफर सिर्फ 2 घंटे में पूरा हो जाएगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन का सपना अब हकीकत की ओर बढ़ रहा है।
रेल मंत्रालय ने ऐलान किया है कि इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के स्टेशन अब अपने आखिरी चरण में हैं। ये स्टेशन न सिर्फ आधुनिक तकनीक से लैस होंगे, बल्कि यात्रियों को बेमिसाल आराम और सुविधा भी देंगे।
भारतीय रेलवे ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि ये स्टेशन नई मिसाल कायम करेंगे। इसमें संस्कृति, पर्यावरण और कनेक्टिविटी का शानदार मेल होगा।
इस परियोजना में गुजरात और महाराष्ट्र के बीच 25 नदी पुल बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 21 गुजरात में और 4 महाराष्ट्र में हैं। आइए, इस खबर को और गहराई से समझें।
यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के स्टेशन सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि एक नया अनुभव होंगे। इन स्टेशनों का डिज़ाइन आधुनिक है, जो स्थानीय संस्कृति को भी दर्शाएगा। पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाए गए ये स्टेशन ऊर्जा की बचत करेंगे और यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं देंगे।
चाहे बात सीटों की हो, वेटिंग एरिया की, या फिर ट्रेनों के कनेक्शन की, ये स्टेशन हर लिहाज से यात्रियों का ध्यान रखेंगे। रेलवे का दावा है कि ये स्टेशन भारत में रेल यात्रा के नए मानक स्थापित करेंगे।
इसके अलावा, स्टेशनों की बनावट ऐसी होगी कि यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर तक जाने में आसानी हो। ये कॉरिडोर 508 किलोमीटर लंबा है और इसे 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूरा करने का लक्ष्य है। यानी, मुंबई से अहमदाबाद का सफर महज 2 घंटे में मुमकिन होगा!
विश्वामित्री नदी पर पुल, इंजीनियरिंग का कमाल
गुजरात के वडोदरा में विश्वामित्री नदी पर बना 80 मीटर लंबा पुल इस परियोजना का एक और अहम पड़ाव है। यह पुल 21 नदी पुलों में से 17वां है, जो गुजरात में बनकर तैयार हो चुका है।
इस पुल में तीन खंभे हैं, जिसमें एक नदी के बीच में और बाकी दो किनारों पर हैं। वडोदरा जैसे व्यस्त शहर में इस पुल को बनाना आसान नहीं था। इसके लिए वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और अन्य स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर सटीक योजना बनाई गई।
खास बात यह है कि विश्वामित्री नदी को बुलेट ट्रेन का रास्ता 9 जगहों पर पार करता है। इनमें से तीन और पुल बन चुके हैं, जबकि बाकी पर काम तेजी से चल रहा है। ये पुल न सिर्फ इंजीनियरिंग का नमूना हैं, बल्कि इस प्रोजेक्ट की जटिलता को भी दिखाते हैं।
क्या है इस प्रोजेक्ट की खासियत?
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है। यह जापान की शिनकानसेन तकनीक पर आधारित है। इस कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन होंगे, जिनमें मुंबई, ठाणे, वीरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद, साबरमती और गांधीनगर शामिल हैं। ये स्टेशन न केवल शहरों को जोड़ेंगे, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे।
इस परियोजना में पर्यावरण का भी खास ख्याल रखा गया है। स्टेशनों में सौर ऊर्जा और पानी की बचत जैसे फीचर्स होंगे। साथ ही, ट्रेनों की रफ्तार और डिज़ाइन ऐसी होगी कि ऊर्जा की खपत कम हो और सफर तेज़ हो।
क्या है आगे की राह?
रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। 25 में से 17 नदी पुल बन चुके हैं, और स्टेशनों का निर्माण भी लगभग पूरा होने वाला है।
इस कॉरिडोर के 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद भारत में रेल यात्रा का एक नया युग शुरू होगा।
(समाचार एजेंसी PTI के इनुपट के साथ)
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