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    'एक देश एक चुनाव' पर आज होगी जेपीसी की बैठक, विशेषज्ञों का पैनल भी होगा शामिल; इन बातों पर हो सकती है चर्चा

    एक देश एक चुनाव विधेयक पर आज संयुक्त संसदीय समिति की बैठक दोपहर 3 बजे होगी। समिति के सदस्य विशेषज्ञों के पैनल के साथ बातचीत करेंगे। जेपीसी की बैठक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के एक साथ चुनाव कराने की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है। इससे पहले 30 जुलाई को भी जेपीसी की बैठक हुई थी।

    By Digital Desk Edited By: Abhinav Tripathi Updated: Mon, 11 Aug 2025 07:52 AM (IST)
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    'एक देश एक चुनाव' पर आज होगी जेपीसी की बैठक।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक देश एक चुनाव विधेयक पर आज (11 अगस्त) संयुक्त संसदीय समिति की बैठक होगी। ये बैठक दोपहर 3 बजे होगी। इस दौरान समिति के सदस्य विशेषज्ञों के एक पैनल के साथ बातचीत करेंगे।

    जानकारी के अनुसार, जेपीसी की ये बैठक संसदीय सौध के मुख्य समिति कक्ष (एमसीआर) में होगी। इस जेपीसी की बैठक में अपने विचार साझा करने के लिए कई विशेषज्ञ पहुंचेंगे।

    आज की जेपीसी की बैठक में किन मुद्दों पर होगी बात?

    बताया जा रहा है कि इस आज की इस बैठक के दौरान दो विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे, उनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस के प्रो. जी गोपाल रेड्डी; हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रो. सुषमा यादव; पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. विनय सहस्रबुद्धे; राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद की प्रो. शीला राय; और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के प्रो. ननी गोपाल महंत शामिल हैं।

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    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, आज के सत्र के दौरान भारत में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के एक साथ चुनाव कराने की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा जेपीसी 19 अगस्त को वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के साथ आगे बातचीत करेगी।

    30 जुलाई को होगी जेपीसी की बैठक

    उल्लेखनीय है कि इससे पहले 30 जुलाई को जेपीसी की बैठक हुई थी। इसमें पूर्व राज्यसभा सदस्य और भारत के पंद्रवें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह और अशोका विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. प्राची मिश्रा ने एक प्रस्तुति दी थी।

    उस दिन की बैठक को लेकर एक सूत्र ने दावा किया कि उनकी प्रस्तुति में एक साथ चुनावों के आर्थिक लाभों पर प्रकाश डाला गया। जिसमें उच्च वास्तविक जीडीपी वृद्धि शामिल है। दावा किया गया कि एक साथ चुनाव कराने से वास्तविक जीडीपी वृद्धि में 1.5% की वृद्धि हो सकती है, जो वित्त वर्ष 2024 में 4.5 लाख करोड़ रुपये के बराबर है, जो कुल स्वास्थ्य बजट का लगभग आधा या शिक्षा बजट का एक तिहाई है। (इनपुट एएनआई के साथ)

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