'अगर क्लर्क को सस्पेंड किया जा सकता है तो PM-CM को क्यों नहीं?', बिहार में पीएम मोदी ने विपक्ष पर कसा तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन किया जो केंद्र सरकार को जेल में बंद मंत्रियों को बर्खास्त करने की शक्ति देता है। बिहार के गयाजी में एक रैली में उन्होंने पूछा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए 50 घंटे की जेल होने पर निलंबन का नियम मंत्रियों और प्रधानमंत्रियों पर क्यों नहीं लागू होना चाहिए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संसद में पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक का बचाव किया, जो केंद्र को जेल में बंद किसी भी मंत्री को बर्खास्त करने का अधिकार देता है।
बिहार के गयाजी में एक रैली में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी को 50 घंटे की जेल होती है तो उसे नौकरी से निलंबित कर दिया जाता है। उन्होंने पूछा कि ऐसा ही नियम प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों पर क्यों नहीं लागू होना चाहिए।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
मोदी ने रैली में कहा, "अगर किसी सरकारी कर्मचारी को 50 घंटे की जेल होती है तो वह खुद ही निलंबित हो जाता है, चाहे वह ड्राइवर हो, क्लर्क हो या चपरासी। लेकिन एक मुख्यमंत्री, एक मंत्री या यहां तक कि एक प्रधानमंत्री जेल से भी सरकार में बने रहने का आनंद ले सकते हैं।"
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उन्होंने आगे कहा, "कुछ समय पहले, हमने देखा कि कैसे जेल से फाइलों पर हस्ताक्षर किए जा रहे थे और कैसे जेल से सरकारी आदेश दिए जा रहे थे। अगर नेताओं का ऐसा रवैया है तो हम भ्रष्टाचार से कैसे लड़ सकते हैं। एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून लेकर आई है और प्रधानमंत्री भी इसके दायरे में आते हैं।"
(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
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