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    टैरिफ वार के बीच अगले महीने अमेरिका जा सकते हैं पीएम मोदी, क्या ट्रंप से होगी मुलाकात?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में विश्व नेताओं को संबोधित करेंगे। संयुक्त राष्ट्र की सूची के अनुसार पीएम मोदी 26 सितंबर को बोलेंगे। इस दौरान इजरायल चीन पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रमुख भी बोलेंगे। यह सत्र इजरायल-हमास युद्ध और यूक्रेन संकट के बीच हो रहा है। पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन जंग पर भी बात की है।

    By Digital Desk Edited By: Chandan Kumar Updated: Wed, 13 Aug 2025 08:32 AM (IST)
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    पीएम मोदी UNGA के 80वें सत्र में विश्व नेताओं को संबोधित कर सकते हैं। (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में विश्व नेताओं को संबोधित करने वाले हैं।

    संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी अस्थायी सूची के अनुसार, पीएम मोदी 26 सितंबर की सुबह सभा को संबोधित कर सकते हैं। इस दौरान भारत के साथ-साथ इजरायल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश सरकार के प्रमुख भी अपनी बात रखेंगे। यह सत्र दुनिया में चल रहे कई संकटों, जैसे इजरायल-हमास युद्ध और यूक्रेन संकट के बीच हो रहा है।

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    वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी 23 सितंबर को UNGA को संबोधित करेंगे। दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद UNGA में ये ट्रंप का पहला संबोधन होगा। उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के बीच ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात हो सकती है। 

    रूस-यूक्रेन जंग पर भारत की नजर

    पीएम मोदी ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन पर बात की है।

    सूत्रों का कहना है कि इस जंग का हल भारत के हित में है और ये बात दोनों नेताओं को बता दी गई है। भारत खासतौर पर 15 अगस्त को ट्रंप और पुतिन की मुलाकात पर नजर रखे हुए है, जिसमें जंग को खत्म करने पर बात होगी।

    इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर भी जोर-शोर से काम चल रहा है। पहले दोनों देशों के वार्ताकार एक समझौते के करीब थे, मगर ट्रंप को वो शर्तें पसंद नहीं आईं। अब नई शर्तों पर बातचीत हो रही है और दोनों पक्षों ने 'मिशन 500' का लक्ष्य रखा है, यानी 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का इरादा है।

    (पीटीआई इनपुट्स के साथ)

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