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    राजस्थान में बारिश का कहर जारी! जोधपुर में भरभराकर गिर पड़ी सरकारी स्कूल की बिल्डिंग

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 08:45 PM (IST)

    लूणी क्षेत्र में बारिश के कारण एक सरकारी स्कूल के दो कमरे और बरामदा ढह गए। घटना सुबह करीब सात बजे हुई लेकिन स्कूल में बच्चे नहीं होने से कोई जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर बिल्डिंग के बारे में प्रशासन को कई बार सूचित किया गया था पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने जर्जर बिल्डिंग को हटाने और नए कमरों के निर्माण की मांग की है।

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    राजस्थान में बारिश ने मचाई तबाही, भारी नुकसान।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बारिश में जर्जर सरकारी स्कूलों के ढहने का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को सुबह हुई बारिश के वजह से एक और सरकारी स्कूल के दो कमरे और बरामदा ढह गए। हालांकि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

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    जानकारी के अनुसार लूणी क्षेत्र के ग्राम पंचायत हिंगोला के अंतर्गत चिरायों की ढाणी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में यह घटना सुबह करीब सात बजे हुई। गनीमत रही कि उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।

    सूचना देने पर भी नहीं हुई कार्रवाई

    सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत हिंगोला के सरपंच मुसे खां और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि बिल्डिंग की जर्जर स्थिति के बारे में प्रशासन को कई बार सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    जर्जर हालत में थी बिल्डिंग

    बताया गया है कि लूणी क्षेत्र में सुबह से हो रही तेज बारिश ने स्कूल बिल्डिंग की कमजोर नींव को और कमजोर कर दिया। बिल्डिंग की दीवारों में पहले से ही दरारें थीं और यह कई सालों से मरम्मत के अभाव में जर्जर हालत में थी। सुबह अचानक दो कमरों की छत और दीवारें भरभराकर गिर गई, जिससे स्कूल परिसर में मलबे का ढेर लग गया।

    ग्रामीणों ने मांग की है कि जर्जर बिल्डिंग को तत्काल हटाया जाए और स्कूल में नए कमरों का निर्माण किया जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल में झालावाड़ और करौली जैसे जिलों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें कई बच्चों की जान जोखिम में पड़ी थी।

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