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    Ration Shops: खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा बोले- समय के साथ आगे बढ़कर आधुनिक बिक्री केंद्र बनें राशन दुकानें

    खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि राशन दुकानों के डीलर साझा सेवा केंद्र (CSC) के रूप में काम करना शुरू कर सकते हैं। पहले से ही 60000 डीलर सीएससी बन चुके हैं और वे बैंकिंग प्रतिनिधि भी हो सकते हैं।

    By AgencyEdited By: Anurag GuptaUpdated: Wed, 15 Feb 2023 10:46 PM (IST)
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    समय के साथ आगे बढ़कर आधुनिक बिक्री केंद्र बनें राशन दुकानें: खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा

    नई दिल्ली, पीटीआई। सरकार राशन की दुकानों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) परिचालन के अलावा अधिक उत्पादों और सेवाओं की पेशकश करने में सक्षम बनाकर उन्हें लाभप्रद बनाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। इस संबंध में आयोजित कार्यशाला में खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने जोर देकर कहा कि उचित मूल्य की दुकानों को समय के साथ आगे बढ़ना चाहिए और उन्हें आधुनिक बिक्री केंद्र बनना चाहिए।

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    60,000 डीलर बन चुके हैं सीएससी

    उन्होंने कहा कि राशन दुकानों के डीलर साझा सेवा केंद्र (CSC) के रूप में काम करना शुरू कर सकते हैं। पहले से ही 60,000 डीलर सीएससी बन चुके हैं और वे बैंकिंग प्रतिनिधि भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने राज्यों को राशन दुकान डीलरों को एफएमसीजी उत्पादों जैसे गैर-पीडीएस सामान रखने की अनुमति देने के लिए लिखा है और कई राज्य पहले ही इसकी अनुमति दे चुके हैं।

    चोपड़ा ने कहा कि परिवहन लागत को कम करने और खाद्य सब्सिडी को बचाने के लिए सरकार ने इन उचित मूल्य की दुकानों के मार्गों को महत्तम करने के लिए आईआईटी-दिल्ली और विश्व खाद्य कार्यक्रम को शामिल किया है।

    देश में हैं 5.3 लाख राशन की दुकानें

    कार्यशाला के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए खाद्य सचिव ने कहा कि देश में लगभग 5.3 लाख राशन की दुकानें हैं, जिनमें से लगभग एक लाख सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा चलाई जा रही हैं, जबकि लगभग 10,000 राशन की दुकानें पंचायतों द्वारा चलाई जा रही हैं। तीन लाख से ज्यादा राशन की दुकानें निजी लोग चला रहे हैं।

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    सचिव ने बताया कि इन राशन दुकान डीलरों ने पूर्व में शिकायत की है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सिर्फ खाद्यान्न का वितरण वास्तव में उनके लिए आर्थिक रूप से लाभप्रद नहीं था। चोपड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही डीलरों के मार्जिन को बढ़ा दिया है और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को भी अपनी ओर से इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि हम जो करने की कोशिश कर रहे हैं उसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वे बहु सेवा संगठन बनने में सक्षम हों।

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