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    'पीएम मोदी उन चुनिंदा नेताओं में से एक...', रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा पाने में भारत की भूमिका पर क्या बोले एस जयशंकर?

    By Agency Edited By: Sachin Pandey
    Updated: Sun, 06 Oct 2024 04:36 PM (IST)

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की भूमिका को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में पीएम मोदी जेलेंस्की से तीन बार मिल चुके हैं एवं पुतिन से भी एक बार मुलाकात की है। इसके अलावा वह पुतिन से कई बार बात भी कर चुके हैं। साथ ही जयशंतकर ने कहा कि भारत मध्य-पूर्व में भी मध्यस्थता करता रहा है।

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    एस जयशंकर ने कहा कि भारत को वैश्विक राजनीति के प्रति अधिक जिम्मेदारी से देखा जाता है। (Photo- ANI)

    एएनआई, नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि पीएम मोदी विश्व के उन चुनिंदा नेताओं में से हैं, जो यूक्रेन और रूस जाकर दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर सकते हैं। एस जयशंकर ने दिल्ली में एक आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

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    विदेश मंत्री ने कहा, 'यूक्रेन के संदर्भ में, पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति जेलेंस्की से तीन बार मुलाकात की है। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से एक बार मुलाकात की है। उन्होंने उनसे कई बार बात की है। साथ ही मैं और एनएसए भी लगातार संपर्क में हैं।'

    'भारत चुनिंदा देशों में से एक'

    उन्होंने कहा,'हम ऐसा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि हम उन कुछ देशों में से एक हैं और प्रधानमंत्री मोदी उन कुछ नेताओं में से एक हैं, जो आज कीव और मॉस्को जाकर दोनों नेताओं से बात करने और यह देखने की क्षमता रखते हैं कि उनके बीच क्या समानताएं हैं। क्या ऐसा कुछ है, जिसे हम शुरू कर सकते हैं या क्या कोई अभिसरण, कोई प्रतिच्छेदन है, जिसे हम देख सकते हैं। जो एक ऐसा समाधान बन सकता है, जिसे आप विकसित करने का प्रयास करें और देखें कि क्या चीजें बेहतर हो सकती हैं।'

    एस जयशंकर ने मध्य-पूर्व में संघर्ष पर कहा, 'ऐसा नहीं है कि हम इसमें शामिल नहीं रहे हैं। कई बार हमने उन देशों के बीच संचार में कुछ भूमिका निभाई है, जो एक-दूसरे से संवाद नहीं करते हैं। ग्लोबल साउथ वैश्विक समाज के तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था के दर्द को महसूस कर रहा है। वे चाहते हैं कि कोई इस बारे में कुछ करे।'

    'वैश्विक राजनीति के प्रति अधिक जिम्मेदारी की भावना'

    उन्होंने कहा, 'इस हद तक कि आपके पास भारत जैसा देश है, जो उनकी चिंताओं को समझता है और उसे सामने रख पाता है। वे स्पष्ट रूप से हमारी बहुत सी पहलों का समर्थन करते हैं। यह संयुक्त राष्ट्र में बहुत स्पष्ट था। यह महत्वपूर्ण है कि हम वास्तव में सभी प्रमुख खिलाड़ियों से जुड़े हुए हैं। हमें वैश्विक राजनीति के प्रति अधिक जिम्मेदारी की भावना वाले देश के रूप में देखा जाता है और यह भारत के अपने विकास का हिस्सा है।'