दिनेश के पटनायक बने कनाडा में भारत के नए उच्चायुक्त, संबंधों को सुधारने की होगी चुनौती
भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी दिनेश के. पटनायक को कनाडा में भारत का नया उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है। ओडिशा के रहने वाले पटनायक की यह तैनाती ऐसे समय में हो रही है जब भारत और कनाडा के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। अपने लंबे कूटनीतिक अनुभव के साथ पटनायक से उम्मीद है कि वे दोनों देशों के संबंधों को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी दिनेश के. पटनायक को भारत सरकार ने कनाडा में नया उच्चायुक्त नियुक्त किया है।
ओडिशा के इस काबिल राजनयिक की तैनाती उस वक्त हो रही है जब भारत-कनाडा संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। माना जा रहा है कि पटनायक का अनुभव और सधी हुई कूटनीति दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा लाएंगे।
विदेश सेवा में लंबा अनुभव
ओडिशा के रहने वाले पटनायक ने अपने तीन दशक लंबे कूटनीतिक करियर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे भारत के राजदूत के रूप में कंबोडिया और मोरक्को में सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वियना, जिनेवा, ढाका और बीजिंग जैसे अहम वैश्विक केंद्रों पर भी उन्होंने काम किया है।
ब्रिटेन में बतौर उप-उच्चायुक्त (2016–2018) रहते हुए उन्होंने खालिस्तानी गतिविधियों से निपटने में गहरी समझ विकसित की थी। यही अनुभव अब कनाडा में उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती और कसौटी माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय और आईसीसीआर में भी निभाई अहम भूमिका
विदेश मंत्रालय में उन्होंने भारतीय महासागर क्षेत्र और पासपोर्ट, वीजा, प्रवासी भारतीय मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाली। बाद में वे भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के महानिदेशक बने और भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत किया।
दिसंबर 2021 से वे स्पेन में भारत के राजदूत थे और अब कनाडा में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर नई पारी शुरू करने जा रहे हैं।
शैक्षिक पृष्ठभूमि और निजी जीवन
दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद उन्होंने आईआईएम कोलकाता से एमबीए और वियना विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
वे मूल रूप से ओडिशा से हैं। उनकी पत्नी पूनम पटनायक एक अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद् हैं और उनकी दो बेटियां हैं।
क्यों है यह नियुक्ति खास?
भारत-कनाडा संबंध पिछले कुछ वर्षों से खटास से भरे रहे हैं। ऐसे समय में पटनायक जैसे अनुभवी राजनयिक की तैनाती को रणनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उनका अनुभव, खासकर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से निपटने का, कनाडा में भारत की स्थिति को और मजबूती देगा।
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