2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए भारत ने पेश किया प्रस्ताव
भारत ने दो दशकों के बाद राष्ट्रमंडल खेलों को देश में लाने की महत्वाकांक्षा के साथ शुक्रवार को 2030 के खेलों की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर पर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह औपचारिक बोली भारतीय राष्ट्रमंडल खेल संघ और गुजरात सरकार के प्रतिनिधित्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा राष्ट्रमंडल खेल महासंघ को प्रस्तुत की गई। 2010 में भारत में राष्ट्रमंडल खेल हुए थे।

लंदन, पीटीआई: भारत ने दो दशकों के बाद राष्ट्रमंडल खेलों को देश में लाने की महत्वाकांक्षा के साथ शुक्रवार को 2030 के खेलों की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर पर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह औपचारिक बोली भारतीय राष्ट्रमंडल खेल संघ और गुजरात सरकार के प्रतिनिधित्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा राष्ट्रमंडल खेल महासंघ को प्रस्तुत की गई।
इस बोली में अहमदाबाद को राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले खेलों के मेजबान शहर के रूप में स्थान दिया गया है। गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि भारत के खेल वसुधैव कुटुम्बकम के प्राचीन सिद्धांत पर आधारित होंगे, जिसका अर्थ है विश्व एक परिवार है। यह एकता और मानवीय जुड़ाव को बढ़ावा देगा।
'अतिथि देवो भव:' इन खेलों के लिए भारत आने वाले सभी हितधारकों के लिए योजना बनाने में मार्गदर्शन करेगा।भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा कि यह बोली पूरे देश की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल न केवल भारत की खेल क्षमताओं को प्रदर्शित करेंगे, बल्कि मित्रता, सम्मान और समावेशिता के मूल्यों को भी दर्शाएगा जो हमारी खेल संस्कृति को परिभाषित करते हैं।
उन्होंने कहा कि शताब्दी समारोह के जश्न के साथ, भारत राष्ट्रमंडल परिवार का गर्मजोशी और उत्कृष्टता के साथ स्वागत करने के लिए तैयार है, जिससे नई पीढ़ी को खेल के माध्यम से सपने देखने और हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी देश की एक अग्रणी खेल राष्ट्र बनने की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा के अनुरूप है, जहां बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी और बुनियादी ढांचे के विकास में व्यापक भागीदारी के लिए उत्प्रेरक का काम करते हैं।
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