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    आईएचएफ और आईओए के बीच फंसा भारतीय हैंडबाल, कहीं हो न जाए बड़ी दिक्कत

    By Abhishek TripathiEdited By: Abhishek Upadhyay
    Updated: Fri, 09 Jan 2026 09:16 AM (IST)

    भारतीय हैंडबाल अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल महासंघ (आईएचएफ) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के बीच मान्यता विवाद में फंसा है। आईएचएफ ने आईओए को सूचित किया है कि ...और पढ़ें

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    आईएचएफ और आईओए के बीच फंसा पेंस

    अभिषेक त्रिपाठी, जागरण नई दिल्ली: 2028 में लास एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन भारत में हैंडबाल का मामला अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल महासंघ (आईएचएफ) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के बीच उलझकर रह गया है।

    आईएचएफ ने भारतीय ओलंपिक संघ (आइओए) को मेल लिखकर कहा है कि हैंडबाल एसोसिएशन इंडिया (एचएआई) ने हमें बताया है कि आपने हैंडबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया (एचएफआई) को भारत में हैंडबाल के लिए एकमात्र गवर्निंग बॉडी के रूप में मान्यता दी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय हैंडबाल का प्रतिनिधित्व एचएआई करती है।

    एचआई के पास मान्यता

    एचएआई ही भारत में हैंडबाल की एकमात्र वैध शासी संस्था है, जिसे अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल महासंघ (आईएचएफ) और एशियाई हैंडबाल महासंघ (एएचएफ) से आधिकारिक मान्यता प्राप्त है। आईएचएफ और आईओए की निगरानी में 26 जून 2023 को एचएआई की निर्वाचन आम सभा आयोजित की गई थी, जिसके बाद आईओए ने निर्वाचित बोर्ड को औपचारिक मान्यता भी दी थी। इसके अलावा, भारतीय न्यायिक ²ष्टांतों और आईओए पैनल के स्पष्ट निष्कर्षों में यह भी कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में जब एचएआई को आईएचएफ और एएचएफ से मान्यता प्राप्त है तो आईओए आवश्यकता पड़ने पर किसी तदर्थ निकाय के माध्यम से एचएआई से परामर्श कर भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उतार सकता है।

    तत्काल करे सुधार

    22 नवंबर 2025 की आइओए पैनल रिपोर्ट के निष्कर्षों तथा आइओसी ओलंपिक चार्टर के अनुच्छेद 28.1.2 और 29 के तहत आईओए से यह आग्रह किया गया है कि वह अपने सार्वजनिक अभिलेखों में तत्काल सुधार करे। इसमें सदस्य हैंडबाल संस्था के रूप में एचएफआई के किसी भी उल्लेख को हटाना और ऐसे संचार से बचना शामिल है, जिससे एचएफआई को अंतरराष्ट्रीय मान्यता के बिना एनओसी समर्थन का संकेत मिले।

    साथ ही, आईओए संविधान के अनुच्छेद 26.1 और पैनल की सिफारिशों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व, प्रविष्टियों और भारतीय टीम के नामांकन से जुड़े सभी मामलों को केवल एचएआई के माध्यम से ही संचालित किया जाना चाहिए। आईओए द्वारा संविधान, आईएचएफ व एएचएफ के नियमों और ओलंपिक चार्टर के पूर्ण अनुपालन में उठाए गए कदम भारतीय हैंडबाल के हित में होंगे और एचएफआई व एचएआई के बीच जारी विवाद के सुव्यवस्थित समाधान में सहायक सिद्ध होंगे।

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