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    काले बैग में लाए एसजीपीसी की शिकायतें, जत्थेदार को सौंपी; बोले- श्री अकाल तख्त साहिब से माथा लगाने की हिम्मत नहीं

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 11:04 AM (IST)

    मुख्यमंत्री भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए, जहां उन्होंने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को लोगों की शिकायतें सौंपीं, जिनमें एसजीपीसी स ...और पढ़ें

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    श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में सीएम भगवंत मान।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज सिखों की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश  हुए। श्री हरिमंदिर साहिब नतमस्तक होने के बाद तकरीबन 11.40 बजे वे श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंच गए। जहां उन्होंने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के सामने अपने बात रखी। 

    मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनके सुरक्षाकर्मी एक बैग लेकर चल रहे हैं, जो चर्चा का विषय बन गयी। सीएम मान ने बताया कि ये लोगों व संगत की शिकातयें हैँ, जो सीएम होते हुए उनके पास पहुंची। इन शिकायतों में एसजीपीसी का जिक्र है। एसजीपीसी में हमारे चुने गए नुमाइंदे हैं। संस्था बुरी नहीं होती, उनके लोग बुरे हो सकते हैं। 

    वहीं, उन्होंने साफ कहा कि उनकी वायरल वीडियो नकली थी। ए.आई. से तैयार थी और उसका कोई स्पष्टिकरण उन्होंने नहीं दिया। जत्थेदार जहां से भी कहेंगे,  उस वीडियो की जांच करवाई जा सकती है।

    3Bमुख्यमंत्री के साथ उनके सुरक्षाकर्मी काला बैग लेकर चलते हुए। 

    पेश होने के बाद सीएम मान ने सुकून महसूस किया

    सीएम भगवंत मान ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहब को अपना स्पष्टीकरण दिया और कहा कि यहां आकर उन्हें सुकून मिला है। बहुत अच्छे माहौल में जत्थेदार से बात हुई है अकाल तख्त साहिब से ऊपर कोई भी नहीं है। एक साधारण सिख के रूप में उन्होंने यहां आए हैं। 

    मुख्यमंत्री अपने साथ दो बैग लाए। बताया जा रहा है इन बैगों में कुछ दस्तावेज थे जो जातीदार को दिखाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 से 30000 पेजों की उनके पास रिकॉर्ड और शिकायतें थीं जो उन्होंने जत्थेदार को दिखाएं हैं। यह कोई क्रेडिट वार नहीं है धर्म का मामला है।

    इसमें किसी प्रकार की अनियमितता होने पर दिल को ठेस पहुंचती है। मैंने जत्थेदार के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत किया है। हमने पवन स्वरूपों के मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की थी यह बहुत जरूरी था। 328 सबरूपों का मामला हल हो जाएगा तो यह धार्मिक मामला सुलझ जाएगा। एसआईटी की ओर से जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, उनसे अगर कुछ भी जानकारी मिलती है तो उसी के मुताबिक आगे कार्रवाई की जाएगी।

    हम निशान साहिब के समक्ष नतमस्तक होने वाले

    सीएम मान ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो नेरेटिव बनाए जा रहे थे, भगवंत मान अकाल तख्त साहिब को चैलेंज कर रहे हैं, ऐसा कोई सवाल ही नहीं उठता और ना ही कोई हिम्मत, ना कोई औकाद है, कि वह श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता से माथा लगाएं। उन्होंने कहा कि वह गांव के बीच में निशान साहिब लगा देख माथा टेकने वाले व्यक्ति हैं।

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    समय में लगातार हुआ बदलाव

    मुख्यमंत्री की पेशी का समय लगातार बदलता रहा। पहले उन्हें सुबह 10 बजे बुलाया गया था, फिर समय बदलकर शाम 4:30 बजे कर दिया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह 11 से 11:30 बजे के बीच पेश होने का समय तय हुआ, लेकिन इसे भी बदलते हुए अब दोपहर 12 बजे का अंतिम समय निर्धारित किया गया। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुख्यमंत्री की पेशी पर सहमति दी।

    अमृतधारी सिख न होने की वजह से मुख्यमंत्री सीधे अकाल तख्त की फसील में पेश नहीं हुए, बल्कि अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार के सामने अपना पक्ष रखा।

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    श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे सीएम भगवंत मान।

    सीएम पर लगे थे आपत्तिजनक बयान के आरोप

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख मर्यादा पर आपत्तिजनक बयान के लिए 15 जनवरी 2026, यानी कि आज सचिवालय में पेश हुए। विवाद सहजधारी सिख जसबीर जस्सी के शब्द कीर्तन पर 27 दिसंबर 2025 को भड़का, जब जत्थेदार ने आपत्ति जताई।

    29 दिसंबर को चंडीगढ़ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मान ने कहा कि सहजधारी शबद न गा सकें तो गुरु की गोलक में दान या मत्था टेकने से भी रोक दें, जिसे सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इसमें दसवंध, लापता गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूपों पर FIR और भिंडरांवाले तस्वीर विवाद भी जुड़े। समन 4-5 जनवरी को जारी हुआ। जिसके बाद मुख्मंत्री मान विनम्र सिख के रूप में सबूतों संग पेश हुए।

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