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    पंजाब कैबिनेट ने लहरगागा में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी, गमाडा प्लॉट्स पर 22.5 फीसदी रेट घटाए

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 06:29 PM (IST)

    पंजाब कैबिनेट ने डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति 2026 को मंजूरी दी, जिससे पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा। इससे कॉलेज न जा पाने वाले छात्रों को लाभ होगा ...और पढ़ें

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    कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल चीमा व वरिंदर कुमार गोयल।

    कैलाश नाथ, चंडीगढ़। पंजाब देश में जल्द ही ऐसा राज्य बनने जा रहा हैं जहां पर ओपन डिजिटल युनिवर्सिटी होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुक्रवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में इस संबंधी नीति को मंजूरी दे दी गई है। आईटी युग में डिजिटल युनिवर्सिटी की मांग तेजी से बढ़ रही है।

    डिजिटल युनिवर्सिटी में विद्यार्थी को कालेज जाने की जरूरत नहीं होती। वह आन लाइन ही अपनी क्लास लगा सकता है। पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने प्राइवेट डिजिटल ओपन युनिवर्सिटी नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इसका लाखों उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जोकि कालेज नहीं जा पाते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।

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    लहरागागा में खुलेगा मेडिकल काॅलेज

    कैबिनेट में लिए गए फैसले के बारे में जानकारी देते हुए चीमा ने बताया कि लहरागागा में सरकार ने अल्पसंख्य मेडिकल काॅलेज खोलने का फैसला किया है। यह मेडिकल काॅलेज लहरा में मौजूद बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंजीनियरिंग एवं टेक्निकल काॅलेज में खोला जाएगा। यह काॅलेज लंबे समय पहले ही बंद हो गया था। मंत्री ने बताया कि इनफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। यहां पर 220 बैड का अस्पताल भी खुलेगा।

    जिसका लाभ आस-पास के क्षेत्र जैसे दिड़बा, सुनाम, शुतराना, बुढ़लाडा और हरियाणा में आने वाले फतेहाबाद को भी मिलेगा। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि इस मेडिकल काॅलेज से लहरा के माथे पर लगा पिछड़ा विधान सभा क्षेत्र होने का दाग मिट जाएगा। वहीं, चीमा ने बताया कि अल्पसंख्यकों की मेडिकल काॅलेज की 100 सीटें होगी।

    इन 100 में से 50 सीटें पंजाब कोटे से होंगी। बता दें कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार भी अपना योगदान देता है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलाजी काॅलेज के 93 स्टाफ जोकि खाली बैठे थे, को दूसरे विभागों में एडजस्ट किया जा रहा है। क्योंकि काॅलेज बंद होने के कारण इस स्टाफ के पास कोई काम नहीं था।

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    नीलामी नहीं होने वाले प्लाटों के रेट घटाए

    वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि गमाडा (मोहाली) के विभिन्न प्रोजेक्टों के प्लाट जिनकी न तो अलाटमेंट हुई और न ही नीलामी हुई। क्योंकि उनके रेट बहुत हाई थे, के कीमतों में 22.50 फीसदी कटौती की गई है। चूंकि पिछली कैबिनेट में इसे लेकर एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद इन रेटों में कमी की गई है। इससे खाली पड़े प्लाट बिकेंगे और सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा।

    वित्तमंत्री ने बताया कि शहरी विकास विभाग की ओर से लाई गई वन टाइम सैटलमेंट स्कीम (ओटीएस) जोकि खत्म हो रही थी को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।

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