Amritsar Flood: रात को सोये सुबह नींद खुली तो पानी से घिरे 45 गांवों के लोग, 84 घंटों से छतों पर गुजर रही जिंदगी
अजनाला के रमदास सेक्टर में बाढ़ ने तबाही मचाई है 45 गाँव जलमग्न हो गए हैं। रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से 24 किलोमीटर तक पानी भर गया है जिससे लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं और पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। 37 साल बाद ऐसी स्थिति आई है।

विपिन कुमार राणा, रमदास (अजनाला)। कुदरत का कहर बाढ़ के पानी के रूप में ऐसे आया कि सबकुछ तबाह हो गया। विधानसभा हलका अजनाला के रमदास सेक्टर के 45 गांवों के लोग रात को सोये और सुबह पानी से घिरे पाए। वर्षों की मेहनत से बने हुए घर पानी में डूबे गए।
सामान के साथ बच्चों की तरह पाले पशु पानी में बह गए। गांवों में सात-सात फीट तक पानी भरा है। पिछले 84 घंटे से लोग छतों पर जीवन बसर कर रहे हैं। पानी के बीच भी पीने को पानी को तरस रहे।
पानी की प्यास बाढ़ से पहले घरों की टंकियों में भरे हुए पानी प्यास बुझ रही है। जिंदगी अभी तक बचे हुए राशन से चल रही है। रावी दरिया का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालात और बिगड़ सकते हैं। रावी दरिया पर बने तटबंधों के टूटने से रमदास सेक्टर के बार्डर से 24 किलोमीटर तक पानी अंदर तक घुस आया है। 45 गांव पानी-पानी हो गए हैं।
37 साल बाद ऐसा तबाही का मंजर देखने को मिला है। इससे पहले 1988 में ऐसे हालात बने थे। यही वजह रही कि लोग इसके लिए तैयार भी नहीं थे।
जैसे ही 25 अगस्त को पानी चढ़ना शुरू हुआ तो प्रशासनिक सिस्टम अलर्ट हो गया, पर इससे पहले वे कुछ कर पाते एकाएक पानी का बहाव इतना तेज हुआ कि देखते ही देखते गांवों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
जिन 14 गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया था रात होते-होते उनमें पानी घुस आया और पांच से सात फीट तक पानी भर गया। ऐसे में ग्रामीणों के लिए वहां से पलायन करना भी मुश्किल हो गया।
अजनाला से आठ किमी दूर गग्गोमाहल तक पहुंचा पानी
बॉर्डर से 24 किमी तक हर तरफ पानी ही पानी है। रावी दरिया से घोनेवाल की दूरी एक-डेढ़ किलोमीटर, घोनेवाल से रमदास तक छह किलोमीटर, रमदास से गग्गोमाहल नौ किलोमीटर और गग्गोमाहल से अजनाला आठ किलोमीटर की दूरी पर है।
वीरवार पानी गग्गो माहल में दाखिल हो गया और शुक्रवार को पानी उससे आगे बढ़ गया। अजनाला शिव मंदिर और कीतर्तन दरबर समिति की गलियों तक पानी पहुंच गया।
भीषण बाढ़ झेल रहा पाकिस्तान, 22 की मौत
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में दशकों की सबसे भीषण बाढ़ आई है, जिससे प्रांत भर में 14.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। लाहौर शहर में बाढ़ का पानी घुसने से पिछले 24 घंटों में 22 लोगों की मौत हो गई और नौ रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए।
सरकार ने शुक्रवार को गुरुद्वारा दरबार साहिब सहित करतारपुर कारिडोर से बाढ़ का पानी हटाने की घोषणा की और कहा कि अगले सप्ताह की शुरुआत में इसे फिर से खोल दिया जाएगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।