मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह जीती की कुर्सी खतरे में; पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप, 15 दिन में देना होगा जवाब
मोहाली नगर निगम मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। मोहाली मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू अपने भाई पूर्व सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

जागरण संवाददाता, मोहाली। मोहाली नगर निगम मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। निकाय विभाग के सचिव ने मेयर को 15 दिन का नोटिस देकर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है। मेयर जीती सिद्धू पर पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट-1975 के उल्लंघन का आरोप है।
नोटिस में बकायदा लिखा गया है कि अगर वह 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण नहीं देते तो यह समझा जाएगा कि वह जवाब देने के हक में नहीं है और विभाग को एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनकी बतौर काउंसलर मेंबरशिप खत्म कर दी जाएगी। 15 सितंबर को यह नोटिस मोहाली कार्पोरेशन में आया और शुक्रवार को जैसे ही सरकारी मुलाजिम यह नोटिस मेयर को पकड़ाने गए तो मेयर ने लेने से इनकार कर दिया और दफ्तर से बाहर चले गए।
मेयर खिलाफ पार्षदों ने दी थी शिकायत
नगर निगम के मौजूदा व पूर्व पार्षद जिनमें सुखदेव सिंह पटवारी, गुरमीत कौर, अरुणा विशिष्ट, रविंदर सिंह, कर्मजीत कौर, सर्बजीत सिंह समाणा (सभी मौजूदा पार्षद) आरपी शर्मा व फूलराज सिंह (पूर्व पार्षद) ने 11 अगस्त को मेयर के खिलाफ एक शिकायत पत्र निकाय विभाग के सचिव को दिया था। शिकायत में पार्षदों ने मेयर जीती सिद्धू पर अपनी पोजीशन का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
पार्षदों का आरोप है कि मेयर ने अपनी ही लेबर सोसायटी ‘अमृतप्रीत कोआपरेटिव एल/सी सोसायटी लिमिटेड’ को जिसके वह सदस्य हैं करोड़ों के कार्य अलाट किए हैं। अमरजीत सिंह जीती सिद्धू कार्पोरेशन के मेयर होने के साथ-साथ एफएंडसीसी के भी चेयरमैन हैं, जो सभी कार्यो के वर्क आर्डर कांट्रैक्ट करती है। यह सीधे तौर पर सरकारी पद का दुरुपयोग है। इस शिकायत के बाद निकाय विभाग के सचिव ने मेयर जीती सिद्धू को नोटिस जारी कर आरोपों पर जवाब मांगा है।
मुझे नहीं मिला नोटिस
मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू का कहना है कि मुझे अभी कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने पर ही मैं अपना स्पष्टीकरण दे पाऊंगा। बता दें कि कुछ समय पहले ही मोहाली मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू अपने भाई पूर्व सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

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