Punjab Flood: 'बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी करेगी तीन सदस्यीय उच्च कमेटी', CM मान बोले- मुख्य सचिव भी करें दौरा
पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी अमृतसर और अन्य जिलों में तैनात रहेगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के डीसी को कमेटी के निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया है। साथ ही मुख्य सचिव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए कहा गया है।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्व, जल संसाधन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है।
यह कमेटी अमृतसर और अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थायी रूप से तैनात रहेगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के डीसी और अधिकारियों को आदेश दिए कि वे कमेटी के निर्देशों का अक्षरश: पालन करें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दौरा करने और लोगों की सहायता के लिए सरकारी तंत्र को पूरी तरह से झोंक के लिए कहा।
शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर उच्चाधिकारियों के साथ रिव्यू बैठक मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी राज्यों से नदियों में जलस्तर बढ़ने से राज्य में स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि आज तक रावी दरिया में 14.11 लाख क्यूसेक पानी आया है, जो अब तक इसमें सबसे अधिक है। यहां तक कि जब 1988 में राज्य में सबसे भयानक बाढ़ आई थी, तब भी इसमें 11.20 लाख क्यूसेक पानी आया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नदियों से अधिकतम पानी निकालने के लिए हरियाणा और राजस्थान को पहले ही पत्र लिखकर भेज दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित पांच जिलों में भारतीय सेना को पहले ही तैनात किया जा चुका है और राज्य की मशीनरी व उपकरणों का उपयोग कर प्रशासन द्वारा सेना के साथ मिलकर राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की 17 टीमें राहत कार्यों के लिए तैनात की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में टूटे तटबंधों को भरने के साथ-साथ मेडिकल टीमों को प्रत्येक गांव में बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को पानी के साथ-साथ सूखे राशन की किट, चीनी, चावल, आटा, घी, दूध पाउडर उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलों, सड़कों और सरकारी इमारतों को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण करने के लिए भी कहा। बैठक में स्थानीय निकाय मंत्री डा. रवजोत, अमन अरोड़ा, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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