शिअद ने खरड़ और जीरकपुर के मोहाली नगर निगम में विलय पर उठाए सवाल, चंदूमाजरा ने तो कह दी ये बड़ी बातें
Chandigarh News शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने खरड़ और जीरकपुर नगरपालिका कमेटियों को मोहाली नगर निगम में विलय करने के प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। शिअद के वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि ऐसा करने से आप दोनों कमेटियों के लैंड पुल का फायदा उठा सकती है। इससे मिलने वाले पैसे को आम आदमी पार्टी के पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल किया जाएगा।

चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से खरड़ और जीरकपुर नगरपालिका कमेटियों को मोहाली नगर निगम में विलय करने के प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। शिअद ने कहा की उक्त प्रस्ताव कमेटियों की बेहद कीमती जमीन के साथ साथ वित्तीय संसाधनों को हड़पने की कोशिश है, जोकि बेहद निंदनीय है।
चंदूमाजरा का आप पर आरोप
शिअद के वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि खरड़ कमेटी के पास 750 एकड़ जमीन है, जबकि जीरकपुर कमेटी के पास 250 एकड़ जमीन है। उन्होंने बताया दोनों कमेटियों के पास सैंकड़ों और करोड़ों रुपये के मौद्रिक संसाधन हैं।
चंदूमाजरा ने कहा कि चूंकि आप का दोनों नगरपालिका कमेटियों पर सीधा नियंत्रण नही है, इसीलिए वह उन्हें भंग करना चाहती है। ऐसा करने से आप दोनों कमेटियों के लैंड पुल का फायदा उठा सकती है, जिसे गमाडा को सौंप दिया जाएगा। इससे मिलने वाले पैसे को आम आदमी पार्टी की पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल किया जाएगा।
आम लोग होंगे सबसे अधिक प्रभावितः चंदूमाजरा
चंदूमाजरा ने आगे कहा कि इससे आम लोग सबसे अधिक प्रभावित होंगें। कमेटियों के अंतर्गत आने वाले कस्बों को नुकसान होगा, क्योंकि उनको अनदेखा किया जाएगा। लोग किफायती आवास का लाभ नही उठा पांएगें, क्योंकि दोनों कमेटियों में पूरी जमीन गमाडा को सौंप दी जाएगी।
सरकार से पहले मोहाली का विकास की मांग करते हुए अकाली नेता ने कहा पिछले एक साल से मोहाली में कोई विकास नही किया गया है। यहां तक कि अब तक वर्षा जल के निपटान की भी कोई व्यवस्था नही की गई है। इसके अलावा, बलौंगी, बडमाजरा, जुझार नगर जैसे कई गांवों को निगम के दायरे में नही लिया गया है। सरकार को खरड़ और जीरकपुर को मोहाली निगम में मिलाने की बजाय पहले इन बचे हुए इलाकों को निगम में मिला देना चाहिए

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