पंजाब में बाढ़ का तांडव, भारत-पाक बॉर्डर पर डिफेंस बांध टूटने से हुसैनीवाला में जलप्रलय
सतलुज नदी में जलस्तर बढ़ने से भारत-पाक सीमा पर स्थित डिफेंस बांध टूट गया जिससे जेसीपी हुसैनीवाला में जलभराव हो गया और रिट्रीट सेरेमनी स्थगित कर दी गई। पाकिस्तानी गांवों में पानी घुस गया जबकि भारतीय गांवों को कुछ राहत मिली है। प्रशासन अलर्ट पर है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है।

कपिल सेठी, फिरोजपुर। सतलुज नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और तेज बहाव ने एक बार फिर से सीमा क्षेत्र में खतरा खड़ा कर दिया है।
वीरवार शाम को भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित डिफेंस बांध का एक बड़ा हिस्सा टूट गया। बांध टूटते ही नदी का पानी तेजी से बहते हुए पाकिस्तान क्षेत्र में दाखिल हो गया।
बताया जा रहा है कि पानी पाकिस्तानी बांध से टकराकर वापस भारतीय क्षेत्र की ओर मुड़ा और सीधे संयुक्त चेक पोस्ट (जेसीपी) हुसैनीवाला तक पहुंच गया।
इसके चलते जेसीपी क्षेत्र में करीब 7 फीट तक जलभराव हो गया है। इसके चलते बीएसएफ की ओर से हुसैनीवाला में रोजाना होने वाली रिट्रीट सेरेमनी को अगले आदेशों तक अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया है ।
रिट्रीट सेरेमनी पर पड़ेगा असर
बांध टूटने के बाद पानी का बहाव जिस रफ्तार से बढ़ा है, उससे हुसैनीवाला स्थित जेसीपी के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।
जलभराव के कारण यहां रोजाना होने वाली ऐतिहासिक रिट्रीट सेरेमनी प्रभावित हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ा तो जेसीपी की सुरक्षा संरचना को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है।
पाकिस्तान के गांवों में हो सकती है तबाही
बांध टूटने के बाद निकला पानी पाकिस्तानी जिले कसूर के कई गांवों में पहुंच चुका है। हाकूवाड़ा, क्लिंजरां, गंडा सिंह वाला और भिखीपिंड जैसे गांव पानी की चपेट में हैं।
इन गांवों के खेतों और घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अभी तक स्थिति पर काबू पाने की कोई ठोस कोशिश नजर नहीं आ रही।
भारतीय गांवों में पानी का स्तर घटा
दिलचस्प बात यह रही कि जिस बांध के टूटने से पाकिस्तानी क्षेत्र में तबाही मची, उसी घटना ने भारतीय सरहदी गांवों को कुछ हद तक राहत दी है।
गट्टी राजोके, भखड़ा और हजारा सिंह वाला जैसे गांवों में पानी का स्तर पहले की तुलना में घटा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पानी के दबाव के कारण वे दहशत में जी रहे थे, लेकिन बांध टूटने से फिलहाल उनके गांवों में खतरा कम हो गया है।
पाकिस्तानी बांध पर भी मंडरा रहा संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सतलुज नदी में जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पाकिस्तान का डिफेंस बांध भी टूट सकता है। द
रअसल, सतपाल की चौकी के पास से टूटा भारतीय बांध सीधे पाकिस्तान के डिफेंस बांध को टक्कर मार रहा है। लगातार बढ़ते दबाव से उस बांध की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यदि वहां बांध टूटा तो कसूर जिले के और भी अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं और नुकसान का दायरा बढ़ जाएगा।
पूरी तरह अलर्ट मोड पर प्रशासन
सीमा क्षेत्र की इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए भारतीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए रखी है।
वहीं ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की जा रही है। कैप्शन: दरिया का पानी आने से डूबा जेसीपी हुसैनीवाला व फेंसिंग लाइन।
हुसैनीवाला में रिट्रीट सेरेमनी अस्थायी तौर पर स्थगित
सतलुज दरिया में आई बाढ़ और सीमा क्षेत्र में बने हालातों को देखते हुए हुसैनीवाला बार्डर पर होने वाली रोजाना की रिट्रीट सेरेमनी को फिलहाल अगले कुछ दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा और आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
जैसे ही हालात सामान्य होंगे और पानी का स्तर नियंत्रित होगा, रिट्रीट सेरेमनी को फिर से शुरू कर दिया जाएगा। अ
धिकारियों ने कहा कि सेरेमनी की पुनः शुरुआत की तिथि के बारे में आम जनता को समय पर सूचित कर दिया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत स्रोतों से जारी जानकारी पर ही विश्वास करें।
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